माछीवाड़ा (लुधियाना)। ग्रेटर मोहाली एरिया डेवलपमेंट अथॉरिटी (गमाडा) के मुख्यालय और दो आईएएस अधिकारियों के घरों पर शुरू हुई प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) की जांच 36 घंटे बाद भी जारी रही। ईडी की टीम ने गमाडा मुख्यालय की तीन मंजिलों को सील कर रखा है और दस्तावेजों व रिकॉर्ड की जांच की जा रही है। इसी बीच बुधवार दोपहर ईडी की टीम ने पंजाब के कैबिनेट मंत्री हरदीप सिंह मुंडियां के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह सैनी के लुधियाना स्थित आवास पर भी छापेमारी की, जो देर रात तक जारी रही।
आम आदमी पार्टी के प्रवक्ता ने बुधवार देर रात दावा किया कि पंजाब सरकार ने ईडी की कार्रवाई के खिलाफ हाई कोर्ट में याचिका दायर कर तत्काल सुनवाई की मांग की है। प्रवक्ता के अनुसार, हाई कोर्ट ने ईडी की कार्रवाई की निगरानी के लिए वारंट ऑफिसर नियुक्त किया है और वीरवार दोपहर दो बजे तक स्थिति रिपोर्ट पेश करने के निर्देश दिए हैं। हालांकि, इस संबंध में अदालत के आदेश की स्वतंत्र पुष्टि इस खबर के आधार पर नहीं हो सकी है।
गमाडा मुख्यालय में जांच लंबी चलने के संकेत
गमाडा भवन में बुधवार शाम गद्दे पहुंचाए जाने के बाद माना जा रहा है कि ईडी की टीम और सुरक्षा में तैनात अधिकारी-कर्मचारी रात में भी परिसर में रह सकते हैं। बताया गया है कि जांच और सुरक्षा व्यवस्था के लिए 100 से अधिक अधिकारी व कर्मचारी मौके पर मौजूद हैं।
ईडी इस मामले में पूर्व मुख्य सचिव अनुराग वर्मा, आईएएस अधिकारी विकास गर्ग और कंवल प्रीत कौर बराड़ से जालंधर में पूछताछ कर चुकी है। मंगलवार से जिन दो आईएएस अधिकारियों के घरों और प्रतिष्ठानों पर कार्रवाई की गई, उनमें वरिष्ठ आईएएस अधिकारी और गमाडा के पूर्व चीफ एडमिनिस्ट्रेटर राजीव गुप्ता तथा विकास गर्ग शामिल हैं।
विकास गर्ग के घर भी पहुंची ईडी की टीम
सुबह ईडी की टीम आईएएस अधिकारी विकास गर्ग को लेकर उनके आवास पर पहुंची। कुछ देर वहां रुकने के बाद टीम वापस लौट गई। इसके बाद बुधवार दोपहर ईडी की टीम लुधियाना जिले के साहनेवाल विधानसभा क्षेत्र के गांव कोहाड़ा पहुंची। यहां कैबिनेट मंत्री के रिश्तेदार गुरप्रीत सिंह के आवास का गेट बंद कर टीम ने जांच शुरू की, जो देर रात तक जारी रही।
इससे पहले मंगलवार को ईडी ने मोहाली, लुधियाना, चंडीगढ़, दिल्ली और पंचकूला में करीब 26 ठिकानों पर कार्रवाई शुरू की थी।
तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स से जुड़े मामलों की जांच
ईडी की कार्रवाई का केंद्र तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स और उससे जुड़ी कंपनियां बताई जा रही हैं। जांच एजेंसी यह पता लगाने में जुटी है कि गमाडा की दो प्रमुख नीलामी साइटों से जुड़े मामलों में इन कंपनियों को कथित तौर पर 100 करोड़ रुपये से अधिक का वित्तीय लाभ पहुंचा या नहीं।
मोहाली के फेज-8 स्थित पुडा भवन में ईडी की टीमों ने रातभर दस्तावेज और रिकॉर्ड खंगाले। अधिकारियों और संबंधित कंपनियों के बीच हुई बातचीत, फाइलों की नोटिंग, भुगतान तथा कंपनियों को दी गई राहत से जुड़े दस्तावेज भी जांच के दायरे में बताए जा रहे हैं।
ईडी अधिकारियों से गमाडा की नीलामी प्रक्रिया, जमीन से जुड़े मामलों, बिल्डरों को दी गई राहत और विभागीय स्तर पर लिए गए फैसलों को लेकर जानकारी जुटा रही है। इससे संकेत मिल रहे हैं कि जांच का दायरा पहले हुई पूछताछ से आगे बढ़ सकता है।
तिरुपति के अलावा अन्य कंपनियां भी जांच के दायरे में
ईडी की कार्रवाई तिरुपति इंफ्राप्रोजेक्ट्स के अलावा रेमिगेट, एमबी इंफ्राबिल्ड, मेरा बाबा रियलिटी और मेरा बाबा इंफ्रास्ट्रक्चर से जुड़े परिसरों तक भी पहुंची है। दिल्ली, मोहाली और अन्य स्थानों पर इन कंपनियों से जुड़े ठिकानों की जांच की जा रही है।
एजेंसी यह भी जांच कर रही है कि गमाडा से जुड़े फैसलों से इन कंपनियों को कथित तौर पर कितना वित्तीय लाभ मिला और संबंधित राशि का लेन-देन किस तरीके से हुआ। फिलहाल ईडी की जांच जारी है और कार्रवाई से जुड़े सभी पहलुओं की जांच के बाद ही तस्वीर स्पष्ट होगी।