summer express , हांसी। नारनौंद के गांव धर्मखेड़ी में दीपक बॉक्सर की हत्या के मामले में बास थाना पुलिस ने तीन आरोपियों को गिरफ्तार किया है। हांसी के एसपी विनोद कुमार ने बताया कि गिरफ्तार आरोपियों की पहचान रोहतक जिले के अजायब निवासी प्रिंस पुत्र हरिओम, जितेंद्र हुड्डा पुत्र राजवीर और आर्यन पुत्र समुद्र के रूप में हुई है। पुलिस ने इस मामले में बास थाना में मुकदमा नंबर 210 दर्ज किया है। आरोपियों को शुक्रवार को अदालत में पेश कर पुलिस रिमांड मांगा जाएगा।
एसपी विनोद कुमार ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में बताया कि पुलिस पूछताछ में सामने आया है कि मृतक दीपक और मुख्य आरोपी प्रिंस पहले दोस्त थे और दोनों महम में साथ बॉक्सिंग करते थे। पुलिस के अनुसार, प्रिंस ने पूछताछ में आरोप लगाया कि दीपक उसकी बहन को कई दिनों से परेशान कर रहा था और उसके साथ छेड़छाड़ करता था। प्रिंस की बहन की शादी मोहित से हुई थी, जो दीपक की सगी मौसी का बेटा है। पुलिस के मुताबिक, इसी बात की जानकारी मिलने के बाद प्रिंस ने दीपक को सबक सिखाने की योजना बनाई।
पुलिस जांच के अनुसार, वारदात से पहले तीनों आरोपी शराब और खाने-पीने का सामान लेकर धर्मखेड़ी पहुंचे थे। खेत में बने कमरे की छत पर आरोपियों ने शराब पी और दीपक को भी शराब पिलाई। पुलिस का कहना है कि जब दीपक नशे में हो गया तो उसके सिर पर बीयर की बोतल से हमला किया गया। इसके बाद उसके बेहोश होने पर कसी से वार कर उसकी हत्या कर दी गई।
एसपी के अनुसार, शुरुआती जांच में यह भी सामने आया है कि आरोपी कथित तौर पर पहले से हत्या की योजना बनाकर सीधे मौके पर नहीं पहुंचे थे। वे शराब और खाने-पीने का सामान लेकर आए थे और छत पर बैठकर शराब पी थी। हालांकि, पुलिस आरोपियों से विस्तृत पूछताछ कर रही है। रिमांड के दौरान हत्या की योजना, वारदात में इस्तेमाल हथियार और पूरे घटनाक्रम को लेकर जानकारी जुटाई जाएगी।
पुलिस के मुताबिक, शुरुआत में मौके पर पांच लोग मौजूद थे। इनमें धर्मखेड़ी निवासी अजय भी शामिल था। पुलिस का कहना है कि अजय शराब पीने के बाद वहां से चला गया था और उसके जाने के बाद दीपक पर हमला किया गया। फिलहाल पुलिस अजय की भूमिका की भी जांच कर रही है। शुरुआती जांच में हत्या में उसकी सीधी संलिप्तता सामने नहीं आई है।
पुलिस ने तीनों आरोपियों को गिरफ्तार कर लिया है। उन्हें शुक्रवार को अदालत में पेश किया जाएगा और पुलिस रिमांड लेकर पूछताछ की जाएगी। पुलिस का कहना है कि जांच आगे बढ़ने के साथ वारदात से जुड़े अन्य तथ्यों और आरोपियों की भूमिका भी स्पष्ट होगी। मामले में सामने आए तथ्यों की न्यायिक पुष्टि होना अभी बाकी है।