Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-: हिमाचल प्रदेश की राजनीति के वरिष्ठ नेता, पूर्व मंत्री और कांगड़ा की राजनीति में अपनी स्पष्ट एवं बेबाक पहचान रखने वाले मेजर विजय सिंह मनकोटिया का निधन हो गया। उनके निधन की खबर से कांगड़ा सहित पूरे हिमाचल प्रदेश में शोक की लहर है। राजनीतिक, सामाजिक और विभिन्न क्षेत्रों से जुड़े लोगों ने उनके निधन पर गहरा दुख व्यक्त किया है।मेजर विजय सिंह मनकोटिया लंबे समय तक प्रदेश की राजनीति में सक्रिय रहे और उन्होंने कांगड़ा क्षेत्र से जुड़े जनहित के मुद्दों को प्रमुखता से उठाया। क्षेत्र की समस्याओं को सरकार और प्रशासन के समक्ष रखने में वे हमेशा मुखर रहे। अपने स्पष्ट विचारों और बेबाक कार्यशैली के कारण उन्होंने हिमाचल की राजनीति में अलग पहचान बनाई।
सैन्य पृष्ठभूमि से आने वाले मेजर मनकोटिया ने सार्वजनिक जीवन में भी अनुशासन, स्पष्टता और दृढ़ता को अपनी कार्यशैली का हिस्सा बनाए रखा। राजनीतिक परिस्थितियों और जनसमस्याओं पर अपनी बात खुलकर रखने के लिए वे जाने जाते थे। कांगड़ा के विकास और क्षेत्रवासियों से जुड़े विषयों को लेकर उनकी सक्रियता लंबे समय तक चर्चा में रही।उनके निधन को कांगड़ा के सार्वजनिक और राजनीतिक जीवन के लिए बड़ी क्षति माना जा रहा है। उनके जाने से क्षेत्र ने एक ऐसे नेता को खो दिया है, जिसकी आवाज राजनीतिक गलियारों से लेकर आम जनता के बीच तक प्रभावी ढंग से सुनी जाती थी।मेजर विजय सिंह मनकोटिया के निधन पर विभिन्न राजनीतिक दलों के नेताओं, सामाजिक संगठनों, जनप्रतिनिधियों और स्थानीय लोगों ने शोक जताया। सभी ने दिवंगत नेता के योगदान को याद करते हुए शोक संतप्त परिवार के प्रति अपनी संवेदनाएं व्यक्त कीं।मेजर मनकोटिया की स्पष्टवादिता, जनमुद्दों के प्रति सक्रियता और बेबाक राजनीतिक शैली को कांगड़ा लंबे समय तक याद रखेगा।