एजेंसी | टेक्सास
एलन मस्क की कंपनी स्पेसएक्स के विशाल रॉकेट स्टारशिप ने अपनी 14वीं परीक्षण उड़ान में पहली बार पृथ्वी की कक्षा में पहुंचकर महत्वपूर्ण उपलब्धि हासिल की।
मिशन के दौरान स्टारशिप ने 26 अगली पीढ़ी के स्टारलिंक वी3 उपग्रह भी सफलतापूर्वक कक्षा में तैनात किए। इससे पहले स्टारशिप की सभी परीक्षण उड़ानें जानबूझकर सब-ऑर्बिटल मार्ग पर रखी गई थीं। इस बार पहली बार यान को वास्तविक कक्षीय उड़ान के लिए भेजा गया था। टेक्सास के स्टारबेस से स्थानीय समयानुसार सुबह करीब 7:49 बजे उड़ान भरने वाला यह यान करीब 275 किलोमीटर की ऊंचाई पर पहुंचा।
मिशन की मूल योजना करीब 10 घंटे की थी, जिसमें स्टारशिप को पृथ्वी की लगभग छह परिक्रमाएं करनी थीं। हालांकि मिशन को निर्धारित अवधि से पहले समाप्त करने का फैसला किया गया।
}26 उपग्रहों की तैनाती
कक्षा में पहुंचने के बाद स्टारशिप ने 26 स्टारलिंक वी3 उपग्रहों को तैनात किया। ये स्टारलिंक की नई पीढ़ी के उपग्रह हैं और पुराने संस्करणों की तुलना में काफी अधिक संचार क्षमता के लिए डिजाइन किए गए हैं। इन उपग्रहों की तैनाती इसलिए भी महत्वपूर्ण है क्योंकि यह पहली बार था जब स्टारशिप ने परिचालन उपयोग के लिए स्टारलिंक उपग्रहों को कक्षा में पहुंचाया। सभी 26 उपग्रहों के अलग होने के बाद उनसे संपर्क स्थापित होने की जानकारी भी सामने आई। मिशन की मूल योजना के विपरीत स्टारशिप को लगभग 10 घंटे तक अंतरिक्ष में नहीं रखा गया। करीब दो घंटे 12 मिनट के बाद डी-ऑर्बिट बर्न किया गया।