Summer express , अंकुर कपूर, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित हरियाणा का निर्माण करना है। सरकार ने प्रदेश के स्वयं के राजस्व को वर्ष 2030 तक हरियाणा के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 10 प्रतिशत और वर्ष 2047 तक 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री बुधवार को स्वर्ण जयंती इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट की ओर से आयोजित सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में वी. नागेश्वर भी वर्चुअली जुड़े और उन्होंने अपना संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए केवल करों में वृद्धि करना समाधान नहीं है, बल्कि मौजूदा व्यवस्था को बेहतर और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार कर नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करने के साथ कर के दायरे को व्यापक बनाने पर काम कर रही है। इसके लिए तकनीक का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि करदाताओं के लिए कर भुगतान की प्रक्रिया सरल रहे और राजस्व में होने वाली संभावित हानि को भी रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में राज्य का एसजीएसटी संग्रह 24,662 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि हाल के समय में राजस्व व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें वन टाइम सेटलमेंट और ऑटो रजिस्ट्री जैसी पहल शामिल हैं।
सैनी ने कहा कि गन्नौर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मार्केट और गुरुग्राम में विकसित किया जा रहा एआई हब भी प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी राजस्व विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में विशेषज्ञों की ओर से दिए गए सुझावों को नीतियों और योजनाओं के स्तर पर लागू करने के लिए सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें नियमों का पालन आसान हो और ईमानदारी से कर चुकाने वाले करदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी, सड़कों, परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।
summer express , अंकुर कपूर, चंडीगढ़। मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि हरियाणा सरकार का लक्ष्य प्रदेश को आर्थिक रूप से मजबूत बनाना और विकसित भारत-2047 के संकल्प के अनुरूप विकसित हरियाणा का निर्माण करना है। सरकार ने प्रदेश के स्वयं के राजस्व को वर्ष 2030 तक हरियाणा के सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) के 10 प्रतिशत और वर्ष 2047 तक 15 प्रतिशत तक पहुंचाने का लक्ष्य तय किया है।
मुख्यमंत्री बुधवार को स्वर्ण जयंती इंस्टीट्यूट फॉर फिस्कल मैनेजमेंट की ओर से आयोजित सम्मेलन में शामिल हुए। सम्मेलन में वी. नागेश्वर भी वर्चुअली जुड़े और उन्होंने अपना संदेश दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राजस्व बढ़ाने के लिए केवल करों में वृद्धि करना समाधान नहीं है, बल्कि मौजूदा व्यवस्था को बेहतर और प्रभावी बनाने की जरूरत है।
उन्होंने कहा कि सरकार कर नियमों का बेहतर पालन सुनिश्चित करने के साथ कर के दायरे को व्यापक बनाने पर काम कर रही है। इसके लिए तकनीक का अधिक प्रभावी इस्तेमाल किया जाएगा। सरकार का प्रयास है कि करदाताओं के लिए कर भुगतान की प्रक्रिया सरल रहे और राजस्व में होने वाली संभावित हानि को भी रोका जा सके।
मुख्यमंत्री ने बताया कि वित्त वर्ष 2026-27 के पहले पांच महीनों में राज्य का एसजीएसटी संग्रह 24,662 करोड़ रुपये रहा है, जो पिछले वर्ष की समान अवधि की तुलना में करीब 29 प्रतिशत अधिक है। उन्होंने कहा कि हाल के समय में राजस्व व्यवस्था को बेहतर बनाने के लिए कई कदम उठाए गए हैं। इनमें वन टाइम सेटलमेंट और ऑटो रजिस्ट्री जैसी पहल शामिल हैं।
सैनी ने कहा कि गन्नौर में प्रस्तावित अंतरराष्ट्रीय हॉर्टिकल्चर मार्केट और गुरुग्राम में विकसित किया जा रहा एआई हब भी प्रदेश की आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे। उन्होंने कहा कि इस लक्ष्य को हासिल करने के लिए सभी राजस्व विभागों को आपसी तालमेल के साथ काम करना होगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि सम्मेलन में विशेषज्ञों की ओर से दिए गए सुझावों को नीतियों और योजनाओं के स्तर पर लागू करने के लिए सरकार काम करेगी। उन्होंने कहा कि कर व्यवस्था ऐसी होनी चाहिए, जिसमें नियमों का पालन आसान हो और ईमानदारी से कर चुकाने वाले करदाताओं को अनावश्यक परेशानी न हो।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में पानी, सड़कों, परिवहन और अन्य बुनियादी ढांचे को मजबूत करने पर भी सरकार का विशेष ध्यान है। मुख्यमंत्री ने कहा कि प्रधानमंत्री के नेतृत्व वाली डबल इंजन सरकार के प्रति निवेशकों का विश्वास बढ़ा है और प्रदेश में निवेश को बढ़ावा देने के लिए लगातार प्रयास किए जा रहे हैं।