Summer express/शिमला,संजू-: गांधी जयंती के अवसर पर हिमाचल प्रदेश राजकीय प्राथमिक शिक्षक संघ ने अपनी लंबित मांगों को लेकर आंदोलन तेज करते हुए उपवास और सत्याग्रह का आयोजन किया। संघ के आह्वान पर प्रदेशभर से शिक्षक शिमला पहुंचे और चौड़ा मैदान से सीटीओ तक कैंडल मार्च निकालकर अपनी 15 सूत्रीय मांगों को लेकर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।संघ के प्रदेश अध्यक्ष रमेश ने बताया कि शिक्षा निदेशालय शिमला के बाहर चल रहा क्रमिक अनशन 69वें दिन में प्रवेश कर चुका है। उन्होंने कहा कि प्राथमिक शिक्षक लंबे समय से अपनी विभिन्न मांगों के समाधान की मांग कर रहे हैं, लेकिन अब तक ठोस निर्णय नहीं हो पाया है। आंदोलन के तहत प्रदेश के अलग-अलग जिलों से शिक्षक शिमला पहुंचकर क्रमिक अनशन में भाग ले रहे हैं।
रमेश ने कहा कि आंदोलन के अगले चरण में प्रदेशभर के प्राथमिक शिक्षक काले बिल्ले लगाकर स्कूलों में सेवाएं देंगे। उन्होंने स्पष्ट किया कि संघ का आंदोलन पूरी तरह गांधीवादी और शांतिपूर्ण तरीके से जारी रहेगा।शिक्षक संघ ने प्रदेश के सभी विधायकों को मांग-पत्र सौंपने की तैयारी भी की है। संघ का कहना है कि विधायकों के माध्यम से शिक्षकों की समस्याओं को विधानसभा में उठाया जाएगा, ताकि सरकार के समक्ष लंबित मांगों के समाधान का मुद्दा मजबूती से रखा जा सके। संघ के अनुसार सितंबर में भी 68 विधायकों को मांग-पत्र सौंपे जाने की बात कही गई थी।आगामी विधानसभा सत्र को लेकर भी शिक्षक संघ ने आंदोलन को और व्यापक करने का ऐलान किया है। संघ के अनुसार बड़ी संख्या में शिक्षक विधानसभा के बाहर प्रदर्शन कर अपनी मांगें उठाएंगे।प्राथमिक शिक्षकों की प्रमुख मांगों में न्यू स्कूल कॉम्प्लेक्स सिस्टम को वापस लेना शामिल है। संघ का दावा है कि इस व्यवस्था से प्राथमिक विद्यालयों और शिक्षकों पर प्रशासनिक जिम्मेदारियों के साथ अतिरिक्त कार्यभार बढ़ सकता है।संघ ने कहा कि जब तक उनकी मांगों पर ठोस कार्रवाई नहीं होती, तब तक क्रमिक अनशन और आंदोलन जारी रहेगा। इससे पहले जुलाई में मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू प्रदर्शन स्थल पर पहुंचे थे और शिक्षकों की मांगों पर विचार करने का आश्वासन दिया था।