समर न्यूज | नई दिल्ली
दिल्ली से भाजपा सांसद रामवीर सिंह बिधूड़ी ने पूर्व कांग्रेस नेता सज्जन कुमार के निधन के बाद उनके घर जाकर शोक जताने के मामले में श्री अकाल तख्त साहिब के समक्ष माफी मांगी है। बिधूड़ी शनिवार को अमृतसर पहुंचे और श्री अकाल तख्त साहिब में नतमस्तक होने के बाद जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज से मुलाकात की। उन्होंने अपना पक्ष रखते हुए पहले भेजे गए लिखित माफीनामे की प्रति भी सौंपी।
बिधूड़ी ने सितंबर में जत्थेदार को पत्र भेजकर सज्जन कुमार के घर जाने पर खेद जताया था। उन्होंने कहा था कि वह कुछ सहयोगी सांसदों के आग्रह पर वहां गए थे। अपने स्पष्टीकरण में उन्होंने कहा कि वह अपने राजनीतिक जीवन में 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े मामलों में सज्जन कुमार की भूमिका का विरोध करते रहे हैं और उनके घर जाकर शोक व्यक्त करना उनकी भूल थी। उन्होंने कहा कि उनका उद्देश्य किसी की धार्मिक भावनाओं को ठेस पहुंचाना नहीं था।
जत्थेदार की प्रतिक्रिया
जत्थेदार ज्ञानी कुलदीप सिंह गड़गज्ज ने बिधूड़ी के व्यक्तिगत रूप से पेश होकर माफी मांगने को सकारात्मक कदम बताया। उन्होंने कहा कि बिधूड़ी ने अपनी गलती महसूस की और उसके बाद माफी मांगी। इस दौरान शिरोमणि अकाली दल की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष परमजीत सिंह सरना भी अकाल तख्त सचिवालय में मौजूद रहे।
अन्य नेताओं पर भी टिप्पणी
जत्थेदार ने कहा कि कुछ अन्य राजनीतिक नेता, विशेषकर कांग्रेस से जुड़े लोग भी सज्जन कुमार के आवास पर गए थे। उन्होंने ऐसे नेताओं से भी सिख समुदाय की भावनाओं को ध्यान में रखते हुए अपनी भूमिका पर विचार करने और माफी मांगने की बात कही। यह टिप्पणी अब इस घटनाक्रम के राजनीतिक और धार्मिक दोनों पहलुओं को लेकर चर्चा का कारण बन रही है।
माफी का कारण
सज्जन कुमार 1984 के सिख विरोधी दंगों से जुड़े एक मामले में दोषी ठहराए गए थे। उनके निधन के बाद उनके आवास पर आयोजित शोक कार्यक्रम में बिधूड़ी के पहुंचने को लेकर सिख संगठनों और कुछ राजनीतिक नेताओं ने आपत्ति जताई थी। बाद में बिधूड़ी ने सार्वजनिक रूप से अपना स्पष्टीकरण देते हुए इस दौरे को गलती बताया और अकाल तख्त से क्षमा मांगी। सितंबर के पत्र में उन्होंने अपने पुराने रुख का भी उल्लेख किया था और कहा था कि उन्होंने 1993 में सज्जन कुमार तथा एचकेएल भगत के खिलाफ कार्रवाई की मांग करने वाले एक प्रतिनिधिमंडल में भी हिस्सा लिया था।