Summer express/शिमला/ संजू-:हिमाचल प्रदेश के मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के रोहड़ू दौरे के दौरान पूर्व मुख्यमंत्री वीरभद्र सिंह का नाम और तस्वीर कार्यक्रम में नजर नहीं आने को लेकर कांग्रेस के भीतर नाराजगी के स्वर उठे हैं। पूर्व सांसद प्रतिभा सिंह ने इस मामले पर कड़ी प्रतिक्रिया देते हुए कहा कि जिस क्षेत्र से वीरभद्र सिंह का लंबे समय तक राजनीतिक जुड़ाव रहा, वहां आयोजित कार्यक्रम में उन्हें याद तक नहीं किया गया।
वरिष्ठ नेताओं के योगदान को याद रखने की अपील
प्रतिभा सिंह ने कहा कि वीरभद्र सिंह के निधन को अभी अधिक समय नहीं बीता है। ऐसे में रोहड़ू जैसे क्षेत्र में उनकी तस्वीर पोस्टरों पर नहीं होना और मंच से उनका नाम तक नहीं लिया जाना दुर्भाग्यपूर्ण है। उन्होंने कहा कि कार्यक्रम में मौजूद कांग्रेस पदाधिकारियों और कार्यकर्ताओं को भी इस बात पर विचार करना चाहिए कि आखिर ऐसा क्यों हुआ।उन्होंने कहा कि यदि किसी व्यक्ति विशेष ने वीरभद्र सिंह की तस्वीर वाला पोस्टर नहीं लगाया था, तो पार्टी के दूसरे पदाधिकारी और कार्यकर्ता भी पहल कर सकते थे। प्रतिभा सिंह ने स्पष्ट किया कि कांग्रेस की परंपरा और विचारधारा गुटबाजी को बढ़ावा देने की नहीं रही है। पार्टी के वरिष्ठ नेताओं के योगदान का सम्मान करना सभी कार्यकर्ताओं की जिम्मेदारी है।
प्रतिभा सिंह ने अपने अनुभव का जिक्र करते हुए कहा कि जब वह नाहन और सिरमौर क्षेत्र में जाती हैं तो हिमाचल के पहले मुख्यमंत्री डॉ. यशवंत सिंह परमार को याद करना नहीं भूलतीं। उन्होंने कहा कि जिस तरह डॉ. परमार ने प्रदेश के निर्माण में अहम भूमिका निभाई, उसी तरह वीरभद्र सिंह का भी हिमाचल के विकास में महत्वपूर्ण योगदान रहा है। इसलिए उनके योगदान को भुलाया नहीं जाना चाहिए।उन्होंने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से अपील की कि पार्टी के पुराने और वरिष्ठ नेताओं के संघर्ष तथा उपलब्धियों को सम्मान के साथ याद रखें। प्रतिभा सिंह ने कहा कि रोहड़ू में मुख्यमंत्री की जनसभा के दौरान वीरभद्र सिंह को स्मरण नहीं किया जाना उनके लिए बेहद दुखद है।
गौरतलब है कि मुख्यमंत्री सुखविंद्र सिंह सुक्खू के रोहड़ू दौरे के दौरान कई विकासात्मक कार्यक्रम आयोजित किए गए। विद्यार्थियों के साथ संवाद के अलावा एंटी-चिट्टा रैली भी हुई। वीरभद्र सिंह का रोहड़ू से गहरा राजनीतिक संबंध रहा और वह 1990 से 2007 तक पांच बार इस क्षेत्र से विधायक रहे थे।