summer express ,अंबाला। रीजनल कनेक्टिविटी स्कीम (आरसीएस)-उड़ान के तहत अंबाला से नागरिक उड़ानें शुरू करने की तैयारियां अब अंतिम चरण में पहुंच रही हैं। एयरपोर्ट पर सुरक्षा व्यवस्था और जरूरी तकनीकी सुविधाओं को अंतिम रूप देने के लिए प्रशासनिक स्तर पर काम तेज कर दिया गया है। हाल ही में ब्यूरो ऑफ सिविल एविएशन सिक्योरिटी (बीसीएएस) की टीम ने एयरपोर्ट का निरीक्षण किया था। जांच के बाद निर्माण एजेंसियों को कुछ अतिरिक्त सुरक्षा और तकनीकी बदलाव करने के निर्देश दिए गए हैं।
बीसीएएस की डिजाइन चरण की सुरक्षा जांच और समीक्षा बैठक में सामने आए बिंदुओं के अनुपालन के लिए सिविल एंक्लेव में अतिरिक्त कार्य कराए जाएंगे। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (पीडब्ल्यूडी) ने करीब 1.37 करोड़ रुपये की अनुमानित लागत से निविदा जारी की है। प्रस्तावित कार्यों में कूलिंग पिट तैयार करना, बैगेज क्षेत्र को अलग करना और सुरक्षा व्यवस्था से जुड़े अन्य तकनीकी बदलाव शामिल हैं।
पीडब्ल्यूडी की प्रांतीय डिवीजन नंबर-1, अंबाला छावनी की ओर से जारी निविदा के अनुसार इन सभी कार्यों को पूरा करने के लिए तीन महीने की समयसीमा तय की गई है। विभाग ने निर्माण कार्य में गुणवत्ता और सुरक्षा मानकों का पालन सुनिश्चित करने के निर्देश दिए हैं। निविदा की तकनीकी बोलियां 15 अक्तूबर को खोली जाएंगी।
अंबाला छावनी में निर्माणाधीन घरेलू हवाई अड्डे का अधिकांश काम पूरा हो चुका है और अब इसे उड़ानों के संचालन के लिए तैयार किया जा रहा है। एयरपोर्ट मौजूदा अंबाला वायुसेना स्टेशन के रनवे का उपयोग करेगा। यहां बनाए गए नए टर्मिनल की क्षमता एक साथ करीब 200 यात्रियों को संभालने की है।
अंबाला से श्रीनगर, अयोध्या और लखनऊ समेत कई शहरों के लिए उड़ानें शुरू करने की योजना है। अधिकारियों के अनुसार, यदि निर्धारित कार्य समय पर पूरे हुए और किसी तरह की बाधा नहीं आई तो अगले तीन से चार महीनों में एयरपोर्ट उड़ानों के संचालन के लिए तैयार हो सकता है। ऐसे में नए साल में अंबाला से घरेलू हवाई सेवा शुरू होने की संभावना है।
सरकार ने आरसीएस के तहत अंबाला से श्रीनगर, बनारस, दिल्ली, जयपुर और अमृतसर के लिए यात्री हवाई सेवा शुरू करने को लेकर केंद्र सरकार के पास आवेदन किया है। भविष्य में देहरादून, शिमला और लखनऊ के लिए भी हवाई मार्ग विकसित किए जाने की संभावना है। अंबाला एयरपोर्ट के शुरू होने से हरियाणा के अलावा हिमाचल प्रदेश, पंजाब, चंडीगढ़, उत्तर प्रदेश और उत्तराखंड के यात्रियों को भी हवाई कनेक्टिविटी का लाभ मिलने की उम्मीद है।
पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन रितेश अग्रवाल ने बताया कि बीसीएएस की सुरक्षा जांच में सामने आए बिंदुओं के आधार पर अतिरिक्त कार्यों की निविदा जारी की गई है। एजेंसी को यह काम तीन महीने में पूरा करना होगा।