summer express ,पलवल (सुन्दर कुंडू)। यूजीसी के हालिया प्रावधानों के विरोध में स्वर्ण समाज पलवल ने आंदोलन का आगाज किया। समाज के प्रतिनिधियों ने जिला उपायुक्त के माध्यम से राष्ट्रपति के नाम खून से लिखा ज्ञापन सौंपकर यूजीसी से जुड़े प्रावधानों को वापस लेने की मांग की। प्रतिनिधियों ने कहा कि इन प्रावधानों को लेकर स्वर्ण समाज के साथ-साथ हरियाणा और देश के अन्य हिस्सों में भी चिंता और रोष का माहौल है।
ज्ञापन के माध्यम से राष्ट्रपति से यूजीसी के प्रावधानों का संज्ञान लेते हुए उन्हें वापस लेने की मांग की गई। समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि उनका उद्देश्य किसी वर्ग या समुदाय का विरोध करना नहीं है। वे समान अवसर, योग्यता, सामाजिक न्याय और संविधान की भावना के अनुरूप संतुलित एवं पारदर्शी व्यवस्था की मांग कर रहे हैं।
स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि समाज में आपसी भाईचारा और सौहार्द बना रहना जरूरी है। उन्होंने राष्ट्रपति से मामले में हस्तक्षेप कर ऐसी व्यवस्था सुनिश्चित करने की अपील की, जिससे किसी भी वर्ग के बीच असंतोष की स्थिति पैदा न हो। प्रतिनिधियों का कहना था कि उनकी मांग सामाजिक समानता और संविधान के अनुरूप अवसर सुनिश्चित करने से जुड़ी है।
इस दौरान जिला उपायुक्त ने समाज के प्रतिनिधियों को भरोसा दिलाया कि खून से लिखा ज्ञापन राष्ट्रपति तक पहुंचाया जाएगा। इसके बाद स्वर्ण समाज के प्रतिनिधियों ने कहा कि यदि सरकार ने संबंधित प्रावधानों को वापस नहीं लिया तो वे आंदोलन को और तेज करने तथा सड़कों पर उतरने के लिए मजबूर होंगे।
इस मौके पर अधिवक्ता ललित मित्तल और समाजसेवी अनिल शर्मा समेत स्वर्ण समाज के कई जागरूक लोग मौजूद रहे। दोनों ने यूजीसी के प्रावधानों को लेकर समाज की चिंताओं को सामने रखा और सरकार से इस मामले पर विचार करने की मांग की।