Summer express, अनिल मंगला, फरीदाबाद। घर से लापता हुए युवक की सात दिन बाद पहचान हुई है। युवक की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई थी। जीआरपी के अनुसार युवक की मौत ट्रेन हादसे में हुई, जबकि परिजनों ने हत्या की आशंका जताते हुए आरोप लगाया है कि उनके बेटे की हत्या करने के बाद शव रेलवे ट्रैक के पास फेंका गया। परिजनों ने मामले की निष्पक्ष जांच कर आरोपी को गिरफ्तार करने की मांग की है। पुलिस ने परिजनों की शिकायत और आरोपों की जांच कर उचित कार्रवाई करने का आश्वासन दिया है।
मृतक की पहचान करण के रूप में हुई है, जो रामनगर का रहने वाला था। परिजनों के मुताबिक, करण 2 अक्टूबर की रात खाना खाने के बाद घर से निकला था, लेकिन इसके बाद वापस नहीं लौटा। काफी तलाश करने के बावजूद उसका कोई सुराग नहीं मिला तो परिजनों ने सेक्टर-11 पुलिस चौकी में उसकी गुमशुदगी की शिकायत दर्ज कराई। इसके बाद परिवार के सदस्य करण की तस्वीर लेकर उसकी तलाश करते रहे।
इस बीच 3 अक्टूबर को रेलवे ट्रैक के पास एक अज्ञात युवक का शव मिला था। पहचान नहीं होने के कारण पुलिस ने शव का पोस्टमार्टम कराने के बाद अंतिम संस्कार करवा दिया। 10 अक्टूबर को करण के परिजन उसकी तस्वीर लेकर जीआरपी थाने पहुंचे, जहां पुलिस ने उन्हें बताया कि रेलवे ट्रैक के पास मिले शव की पहचान करण के रूप में हुई है।
करण की मां पूनम ने बेटे की मौत पर संदेह जताया है। उनका कहना है कि बेटे के शरीर पर ऐसे कोई निशान नहीं थे, जिनसे उन्हें यह विश्वास हो कि उसकी मौत ट्रेन से कटकर हुई है। उन्होंने आशंका जताई कि किसी ने करण की हत्या करने के बाद शव रेलवे ट्रैक के पास फेंक दिया। परिजनों ने पुलिस से मामले की गहराई से जांच कर दोषियों के खिलाफ कार्रवाई करने की मांग की है।
मामले की जांच कर रहे जीआरपी फरीदाबाद के सब इंस्पेक्टर धनीराम ने बताया कि करण 2 अक्टूबर को घर से लापता हुआ था। इसके अगले दिन रेलवे ट्रैक के पास मिले अज्ञात युवक के शव की पहचान नहीं हो सकी थी। 10 अक्टूबर को परिजनों के तस्वीर लेकर पहुंचने पर शव की पहचान करण के रूप में हुई। उन्होंने कहा कि परिजनों की ओर से लगाए गए आरोपों की जांच की जाएगी और तथ्यों के आधार पर आगे की कार्रवाई की जाएगी।