Summer express, पंचकूला। हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी के स्वीडन दौरे के दौरान राज्य में निवेश और औद्योगिक सहयोग को बढ़ावा देने के लिए कुल 4,000 करोड़ रुपये के लेटर ऑफ इंटेंट (एलओआई) पर हस्ताक्षर किए गए। इस दौरे के दौरान गुरुग्राम और स्वीडन की राजधानी स्टॉकहोम के बीच सिटी-टू-सिटी सहयोग की पहल भी हुई। सरकार को उम्मीद है कि इन समझौतों से हरियाणा में आर्थिक गतिविधियों को गति मिलेगी और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर पैदा होंगे।
दौरे के दौरान रिटेल और वेयरहाउसिंग क्षेत्र में 1,000 करोड़ रुपये तथा आत्मनिर्भर भारत से जुड़ी पहल के तहत 3,000 करोड़ रुपये के निवेश प्रस्तावों पर हस्ताक्षर किए गए। इन प्रस्तावों का उद्देश्य दोनों पक्षों के बीच व्यापारिक संबंधों को मजबूत करना, औद्योगिक साझेदारी बढ़ाना और तकनीकी सहयोग को प्रोत्साहित करना है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी और उनके साथ गए मंत्री ने स्वीडन के उद्योगपतियों और कारोबारी प्रतिनिधियों से मुलाकात कर उन्हें हरियाणा में निवेश करने का निमंत्रण दिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि राज्य सरकार नए उद्योग स्थापित करने, आधुनिक तकनीक अपनाने और अंतरराष्ट्रीय कंपनियों के साथ साझेदारी विकसित करने के लिए प्रतिबद्ध है।
सैनी ने स्वीडिश उद्योगपतियों को वर्ष 2027 में आयोजित होने वाली हैपनिंग हरियाणा ग्लोबल इन्वेस्टर समिट में शामिल होने का भी न्योता दिया। इस सम्मेलन के जरिए हरियाणा में निवेश की संभावनाओं को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रस्तुत करने और विदेशी कंपनियों को राज्य के औद्योगिक विकास से जोड़ने की योजना है।
मुख्यमंत्री ने भारत के ‘मेक इन इंडिया’ अभियान और स्वीडन की तकनीकी विशेषज्ञता के बीच तालमेल पर जोर देते हुए कहा कि दोनों देशों के सहयोग से ‘मेड विद स्वीडन’ जैसी साझेदारी को आगे बढ़ाया जा सकता है। इससे विनिर्माण, तकनीक और अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में सहयोग की संभावनाएं मजबूत हो सकती हैं।
सरकार के अनुसार, हरियाणा और स्वीडन के बीच बढ़ता आर्थिक सहयोग राज्य के कुशल युवाओं के लिए अंतरराष्ट्रीय स्तर पर रोजगार के अवसर उपलब्ध कराने में मददगार हो सकता है। हालांकि, निवेश प्रस्तावों के वास्तविक क्रियान्वयन और उनसे पैदा होने वाले रोजगार का आकलन संबंधित परियोजनाओं की प्रगति के आधार पर होगा।