Summer express, अंकुर कपूर, अंबाला। अंबाला छावनी के नागरिक अस्पताल में मरीजों को आधुनिक चिकित्सा सुविधा उपलब्ध कराने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम उठाया गया है। अस्पताल में आर्थोस्कोप मशीन के जरिए अब लिगामेंट की चोटों से संबंधित सर्जरी की जा रही है। इस सुविधा से घुटनों में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में परेशानी का सामना कर रहे मरीजों को राहत मिल रही है। खास बात यह है कि यहां इलाज कराने से मरीजों को निजी अस्पतालों में होने वाले भारी खर्च से भी बचने का अवसर मिल रहा है।
अस्पताल में उपचार करवाने वाले मरीजों ने बताया कि लंबे समय से घुटनों में दर्द और चलने-फिरने में परेशानी के कारण उनकी दिनचर्या प्रभावित हो रही थी। आधुनिक मशीन से सर्जरी करवाने के बाद उन्हें काफी राहत मिली है। गांव बहलाउली निवासी बलबीर सिंह और मरीज अलीशा देवी ने अस्पताल में मिली चिकित्सा सुविधाओं के प्रति संतुष्टि जताई। मरीजों के अनुसार, निजी अस्पतालों में इसी तरह के इलाज के लिए डेढ़ लाख रुपये तक का खर्च बताया गया था, जबकि नागरिक अस्पताल में उन्हें काफी कम खर्च पर उपचार की सुविधा मिली।
नागरिक अस्पताल के ऑर्थो एवं स्पाइन सर्जन डॉ. अश्वनी मोदगिल ने बताया कि आर्थोस्कोप एक आधुनिक तकनीक है, जिसमें छोटे चीरे के माध्यम से कैमरा और विशेष उपकरणों को प्रभावित हिस्से तक पहुंचाया जाता है। इससे लिगामेंट की चोट की जांच और मरम्मत करने में मदद मिलती है। इस प्रक्रिया में बड़े चीरे की आवश्यकता नहीं होती, जिससे मरीज को अपेक्षाकृत कम परेशानी होती है और रिकवरी में भी सहायता मिलती है।
डॉ. मोदगिल के अनुसार, लिगामेंट में चोट लगने पर घुटने में दर्द, सूजन और चलने-फिरने में कठिनाई जैसी समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे मामलों में समय पर जांच और उचित उपचार जरूरी है। उन्होंने बताया कि पहले कई मरीज आर्थिक परेशानियों के कारण जांच और इलाज कराने से बचते थे, जबकि निजी अस्पतालों में इस तरह की सर्जरी का खर्च लगभग एक से डेढ़ लाख रुपये तक हो सकता है।
उन्होंने बताया कि नागरिक अस्पताल में आयुष्मान कार्ड धारकों को पात्रता के अनुसार मुफ्त इलाज की सुविधा मिल रही है। वहीं, आयुष्मान कार्ड नहीं होने पर भी मरीजों का इलाज लगभग चार से सात हजार रुपये में किया जा सकता है। डॉ. मोदगिल के मुताबिक, अब तक इस मशीन की मदद से 24 मरीजों का सफल उपचार किया जा चुका है। सर्जरी के बाद मरीज को आमतौर पर तीन से चार दिन में अस्पताल से छुट्टी दे दी जाती है, जबकि पूरी तरह स्वस्थ होकर सामान्य गतिविधियों में लौटने में तीन से चार महीने तक का समय लग सकता है।
अस्पताल में इलाज कराने वाले मरीजों ने कहा कि आधुनिक मशीन और चिकित्सकों की सुविधा मिलने से उन्हें महंगे निजी अस्पतालों का रुख नहीं करना पड़ा। इस सुविधा से खासकर गरीब और मध्यम वर्ग के मरीजों को लाभ मिलने की उम्मीद है। नागरिक अस्पताल में आर्थोस्कोप मशीन की उपलब्धता से हड्डियों और लिगामेंट से जुड़ी समस्याओं के उपचार की सुविधाओं को मजबूती मिली है।