समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत सिंह मान ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के पंजाब दौरे के बीच भाजपा और केंद्र सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि नशे के मुद्दे पर पंजाब को घेरने के बजाय केंद्र को देश में मादक पदार्थों की सप्लाई रोकने और तस्करी नेटवर्क तोड़ने पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने सवाल किया िक 2007 से 2017 तक पंजाब में नशा बढ़ता रहा, तब शाह को पंजाब की याद क्यों नहीं आई।
उन्होंने गुजरात के कांडला बंदरगाह पर हेरोइन की बड़ी खेप पकड़े जाने और 2,200 किलोग्राम हेरोइन के चूहों द्वारा खा लिए जाने संबंधी कथित स्पष्टीकरण पर भी सवाल उठाए। उन्होंने पूर्व मंत्री बिक्रम सिंह मजीठिया के खिलाफ सीबीआई जांच की मांगों का भी उल्लेख किया और सवाल किया कि उस समय ऐसी जांच क्यों नहीं कराई गई।
किसान आंदोलन के दौरान 700 से अधिक किसानों की मौत हुई थी। अमित शाह उस समय पीड़ित परिवारों से मिलने क्यों नहीं गए।
जांच सीबीआई को सौंपेगी पंजाब सरकार
मुख्यमंत्री मान ने परिवार की मांग मानी, पिता भीम सिंह बोले- बेटे को इंसाफ मिलने तक संघर्ष जारी रहेगा
समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान ने नशा विरोधी कार्यकर्ता परविंदर सिंह झोटा की हत्या के मामले की जांच केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआई) को सौंपने का ऐलान किया है। मंगलवार को सोशल मीडिया पर दी गई जानकारी में मान ने कहा कि सरकार झोटा के पिता और परिवार के साथ खड़ी है। उन्होंने स्पष्ट किया कि पंजाब को नशामुक्त बनाने के लिए सरकार सख्त कदम उठाने से पीछे नहीं हटेगी। यह फैसला परिवार की लगातार जारी मांग और मानसा में चल रहे धरने के बीच आया है।
मानसा में 13 अक्टूबर को एक मेडिकल स्टोर के भीतर झोटा की गोली मारकर हत्या कर दी गई थी। वह कथित तौर पर दुकान पर नशीली दवाओं की बिक्री को लेकर दुकानदार से सवाल कर रहे थे। घटना के दौरान वह फेसबुक लाइव भी कर रहे थे। पुलिस ने आरोपी मेडिकल स्टोर संचालक अश्वनी कुमार को राजस्थान के सालासर से गिरफ्तार किया था। परिवार और समर्थकों ने निष्पक्ष जांच तथा दोषियों को सजा दिलाने की मांग को लेकर प्रदर्शन शुरू कर दिया था।
पिता की मांगें अभी बाकी: झोटा के पिता भीम सिंह, जो पूर्व सैनिक हैं, ने कहा है कि वह अपने बेटे की हत्या के मामले में सीबीआई जांच की मांग पर अड़े हुए हैं। उन्होंने मुख्यमंत्री भगवंत मान और पंजाब के पुलिस महानिदेशक के इस्तीफे की मांग भी दोहराई है। भीम सिंह ने केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह के मानसा दौरे का स्वागत करते हुए उनसे व्यक्तिगत मुलाकात कर न्याय की मांग रखने की बात कही थी। अंतिम संस्कार पर सहमति नहीं बन पाई है।