Summer express, अनुज पंचाल, गुरुग्राम। दिल्ली-एनसीआर में प्रदूषण के बढ़ते स्तर को देखते हुए गुरुग्राम में प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने निगरानी और कार्रवाई तेज कर दी है। ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान (ग्रैप) के पहले चरण के तहत प्रदूषण फैलाने वाली निर्माण इकाइयों पर शिकंजा कसा जा रहा है। विभाग ने नियमों का उल्लंघन करने वाले 13 प्रोजेक्ट के खिलाफ कार्रवाई की है। इनमें से तीन प्रोजेक्ट को सील कर दिया गया है, जबकि पांच अवैध रेडी मिक्स कंक्रीट (आरएमसी) प्लांट भी पकड़े गए हैं। निगरानी के लिए विभाग ने चार टीमों का गठन किया है।
हरियाणा राज्य प्रदूषण नियंत्रण बोर्ड के क्षेत्रीय अधिकारी हरीश कुमार के अनुसार, गुरुग्राम में प्रदूषण के स्तर को ध्यान में रखते हुए ग्रैप के पहले चरण के तहत जरूरी कदम उठाए जा रहे हैं। नियमों का उल्लंघन करने वाली इकाइयों के खिलाफ कार्रवाई की जा रही है, ताकि प्रदूषण पर नियंत्रण पाया जा सके। विभाग ने स्पष्ट किया है कि प्रदूषण संबंधी नियमों की अनदेखी करने वालों के खिलाफ आगे भी सख्त कार्रवाई जारी रहेगी।
प्रदूषण नियंत्रण को लेकर संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ बैठक भी की गई। इसमें शहर में प्रदूषण कम करने के उपायों पर चर्चा करते हुए आवश्यक कदम उठाने के निर्देश दिए गए। अधिकारियों के मुताबिक, गुरुग्राम में सड़कों पर उड़ने वाली धूल प्रदूषण की प्रमुख वजहों में से एक है। इसे नियंत्रित करने के लिए नगर निगम और गुरुग्राम महानगर विकास प्राधिकरण (जीएमडीए) के अधिकारियों को जरूरी कदम उठाने के लिए कहा गया है।
प्रदूषण नियंत्रण विभाग ने आम लोगों से भी सहयोग की अपील की है। अधिकारियों ने कहा कि खुले में कूड़ा न जलाएं और निर्माण कार्य के दौरान धूल को फैलने से रोकने के लिए निर्माण स्थल तथा सामग्री को पूरी तरह ढककर रखें। निर्माण गतिविधियों में निर्धारित नियमों का पालन करना जरूरी है। विभाग का कहना है कि सरकारी एजेंसियों के साथ-साथ नागरिकों के सहयोग से ही प्रदूषण पर प्रभावी नियंत्रण किया जा सकता है।