Summer express/हमीरपुर, अरविंद -:स्वच्छ भारत मिशन के तहत ग्रामीण क्षेत्रों में कचरा प्रबंधन को बेहतर बनाने के लिए नई व्यवस्था लागू की जा रही है। इसके तहत अब पंचायतों में घर-घर जाकर सूखा कचरा एकत्रित किया जाएगा। प्लास्टिक कचरे के उचित संग्रहण और निस्तारण के लिए पंचायत स्तर पर यूजर चार्ज भी निर्धारित किए जाएंगे। प्लास्टिक बोतलों के संग्रहण के लिए 16 रुपये प्रति किलो की दर तय की गई है।
ग्रामीण विकास प्राधिकरण की उपनिदेशक अस्मिता ठाकुर ने बताया कि राज्य में स्वच्छ भारत मिशन के अंतर्गत वर्ष 2026 के मॉडल उपनियम सभी पंचायतों को जारी कर दिए गए हैं। इन उपनियमों का उद्देश्य गांवों में स्वच्छता व्यवस्था को सुदृढ़ करना और कचरे के संग्रहण, पृथक्करण तथा निस्तारण की प्रक्रिया को व्यवस्थित बनाना है।उन्होंने बताया कि नई व्यवस्था के तहत पंचायतों में घर-घर से सूखा कचरा एकत्रित करने पर विशेष ध्यान दिया जाएगा। इसके लिए ग्राम सभा की मंजूरी के बाद स्वच्छता सेस लगाया जाएगा। साथ ही, घरों से प्लास्टिक कचरा एकत्रित करने के लिए यूजर चार्ज निर्धारित होंगे, जिससे पंचायतों में कचरा प्रबंधन की व्यवस्था को नियमित रूप से संचालित करने में सहायता मिलेगी।अस्मिता ठाकुर के अनुसार, डोर-टू-डोर प्लास्टिक कलेक्शन के लिए ब्लॉक स्तर पर खंड विकास अधिकारियों (बीडीओ) के माध्यम से आवश्यक मैनपावर उपलब्ध करवाने का प्रावधान किया गया है। इससे ग्रामीण क्षेत्रों में सूखे कचरे का व्यवस्थित संग्रहण सुनिश्चित करने में मदद मिलेगी।नई व्यवस्था लागू होने से प्लास्टिक कचरे को खुले में फेंकने और सार्वजनिक स्थानों पर फैलने से रोकने में मदद मिलेगी। साथ ही, गांवों में स्वच्छता बनाए रखने और पर्यावरण संरक्षण को बढ़ावा देने की दिशा में भी प्रयास किए जाएंगे।