Summer express, अंबाला (अंकुर कपूर)। करवाचौथ के त्योहार को लेकर अंबाला के बाजारों में रौनक बढ़ने लगी है। 29 अक्टूबर को मनाए जाने वाले इस पर्व के लिए महिलाएं खरीदारी करने बाजारों में पहुंच रही हैं। चूड़ियों, शृंगार के सामान, करवा और पूजा सामग्री की दुकानों पर ग्राहकों की भीड़ दिखाई देने लगी है। वहीं, मेहंदी लगवाने के लिए भी महिलाएं कतारों में बैठी नजर आ रही हैं। मिठाई की दुकानों पर भी तैयारियां शुरू हो गई हैं और हलवाई त्योहार के लिए मिठाइयां बनाने में जुट गए हैं।
करवाचौथ सुहागिन महिलाओं के लिए विशेष महत्व रखने वाला पर्व है। इस दिन महिलाएं अपने पति की लंबी आयु और सुखी वैवाहिक जीवन की कामना करते हुए व्रत रखती हैं। बाजारों में खरीदारी करने पहुंचीं महिलाओं ने बताया कि वे त्योहार के लिए चूड़ियां, शृंगार का सामान और पूजा से जुड़ी अन्य वस्तुएं खरीद रही हैं। इसके अलावा सुबह व्रत शुरू करने से पहले खाई जाने वाली सरगी के लिए भी फेनियां और अन्य खाद्य सामग्री खरीदी जा रही है। महिलाओं ने बताया कि वे सुबह तारों की छांव में सरगी ग्रहण करने के बाद दिनभर व्रत रखेंगी और रात को चंद्रमा के दर्शन व पूजा के बाद व्रत खोलेंगी। खरीदारी के साथ कई महिलाएं बाजार में ही मेहंदी लगवाकर घर लौट रही हैं।
त्योहार को लेकर ज्योतिषाचार्य पंडित अशोक प्रजापति ने बताया कि करवाचौथ श्रद्धा और विश्वास से जुड़ा पर्व है, जिसे महिलाएं पूरे उत्साह और आस्था के साथ मनाती हैं। उन्होंने बताया कि इस बार चतुर्थी तिथि और चंद्रमा की स्थिति के अनुसार व्रत का विशेष महत्व रहेगा। उनके अनुसार, चतुर्थी तिथि रात करीब 9 बजकर 10 मिनट तक रहने की जानकारी है। हालांकि, व्रत खोलने का समय स्थानीय पंचांग और चंद्रोदय के अनुसार देखना उचित रहेगा।
पंडित अशोक प्रजापति ने बताया कि महिलाएं सुबह सरगी ग्रहण करने के बाद पूरे दिन निराहार रहकर व्रत रखती हैं और रात को चंद्रमा को अर्घ्य देने के बाद व्रत पूरा करती हैं। उन्होंने कहा कि करवाचौथ केवल धार्मिक परंपरा ही नहीं, बल्कि पति-पत्नी के बीच प्रेम, विश्वास और समर्पण का प्रतीक भी माना जाता है। त्योहार नजदीक आने के साथ ही बाजारों में बढ़ती चहल-पहल से दुकानदारों को भी अच्छे कारोबार की उम्मीद है।