समर न्यूज | चंडीगढ़
पंजाब के सरकारी स्कूलों में विद्यार्थियों को आधुनिक तकनीक से जोड़ने के लिए शैक्षणिक सत्र 2026-27 से आठवीं से बारहवीं कक्षा तक कंप्यूटर साइंस के पाठ्यक्रम में कृत्रिम बुद्धिमत्ता (एआई) को शामिल किया गया है। पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड ने इसके लिए विषय का नाम बदलकर कंप्यूटर साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (सीएसएआई) बेसिक कर दिया है।
नई व्यवस्था के तहत वार्षिक परीक्षाओं में एआई से संबंधित प्रश्नों को विशेष महत्व मिलेगा। बोर्ड के निर्देशों के अनुसार, थ्योरी और प्रैक्टिकल परीक्षा में अलग-अलग 15 प्रतिशत अंक एआई आधारित विषयों के होंगे। यह पहल राज्य सरकार की ‘सरबत एआई’ योजना का हिस्सा है। शिक्षा मंत्री हरजोत सिंह बैंस ने जुलाई में इसकी शुरुआत की थी।
बोर्ड ने सरकारी स्कूलों के कंप्यूटर शिक्षकों को एआई की बुनियादी जानकारी देने के लिए पांच घंटे का ऑनलाइन प्रशिक्षण अनिवार्य किया है। प्रशिक्षण तीन सत्रों में पूरा किया जाना है। इसके बाद शिक्षक विद्यार्थियों को 40-40 मिनट के 15 पीरियड के माध्यम से नया पाठ्यक्रम पढ़ाएंगे। बोर्ड की ओर से पढ़ाई के लिए आवश्यक सामग्री और अन्य शिक्षण संसाधन उपलब्ध करवाए जाएंगे। प्रशिक्षण का उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि शिक्षक नई तकनीक के सिद्धांतों और उसके व्यावहारिक इस्तेमाल को विद्यार्थियों तक आसानी से पहुंचा सकें।
}संबद्ध स्कूलों को भी विकल्प: सरकारी स्कूलों के अलावा पंजाब स्कूल शिक्षा बोर्ड से संबद्ध और एसोसिएटेड स्कूलों को भी नया पाठ्यक्रम अपनाने का विकल्प दिया गया है। ऐसे स्कूल कंप्यूटर साइंस एंड आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस का एडवांस पाठ्यक्रम चुन सकते हैं। इसके लिए अलग पंजीकरण और विषय कोड निर्धारित किए गए हैं। एडवांस पाठ्यक्रम अपनाने वाले स्कूलों के विद्यार्थियों को ऑनलाइन कक्षाओं और एआई विशेषज्ञों की सहायता से पढ़ाई कराने की व्यवस्था भी की गई है। जो स्कूल यह विकल्प नहीं चुनेंगे, वहां पहले की तरह कंप्यूटर साइंस की पढ़ाई जारी रह सकेगी।
}पढ़ाई में व्यावहारिक समझ पर जोर: नई व्यवस्था में विद्यार्थियों को केवल कंप्यूटर चलाने या सॉफ्टवेयर इस्तेमाल करने तक सीमित रखने के बजाय एआई की कार्यप्रणाली और उसके उपयोग से परिचित कराने पर जोर है। इसका उद्देश्य विद्यार्थियों में समस्या सुलझाने, नई चीजें विकसित करने और तकनीक के जिम्मेदार इस्तेमाल की समझ पैदा करना है। सरकार ने पहल को व्यापक बनाने के लिए कंप्यूटर शिक्षकों के प्रशिक्षण व डिजिटल शिक्षण संसाधनों पर भी ध्यान दिया है।