Summer express, चंडीगढ़। हरियाणा रियल एस्टेट रेगुलेटरी अथॉरिटी (हरेरा) पंचकूला के चेयरमैन का पद रिक्त हो गया है। राज्यपाल ने चेयरमैन परनीत एस. सचदेव का इस्तीफा स्वीकार कर लिया है। उन्होंने 21 जुलाई को अपने पद से त्यागपत्र दिया था, जिसे राज्यपाल की मंजूरी के बाद 20 अक्टूबर से प्रभावी माना गया है। इसके साथ ही हरेरा पंचकूला में नए चेयरमैन की नियुक्ति का रास्ता साफ हो गया है।
भारतीय राजस्व सेवा (आईआरएस) के सेवानिवृत्त अधिकारी परनीत एस. सचदेव को दिसंबर 2023 में हरेरा पंचकूला का चेयरमैन नियुक्त किया गया था। उन्होंने करीब डेढ़ वर्ष से अधिक समय तक इस पद पर जिम्मेदारी निभाई। अब उनका इस्तीफा स्वीकार होने के बाद प्राधिकरण का नेतृत्व नए चेयरमैन की नियुक्ति होने तक खाली रहेगा।
हरेरा प्रदेश में रियल एस्टेट और निर्माण क्षेत्र की गतिविधियों को नियंत्रित करने वाली एक वैधानिक संस्था है। इसका मुख्य उद्देश्य आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं में पारदर्शिता सुनिश्चित करना, घर खरीदारों के हितों की रक्षा करना और बिल्डरों तथा खरीदारों के बीच विवादों का निपटारा करना है।
हरियाणा में रियल एस्टेट से जुड़े मामलों के निपटारे के लिए दो अलग-अलग प्राधिकरण कार्यरत हैं। हरेरा गुरुग्राम मुख्य रूप से गुरुग्राम जिले की आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं, शिकायतों तथा अन्य रियल एस्टेट गतिविधियों की निगरानी करता है। वहीं, हरेरा पंचकूला के अधिकार क्षेत्र में प्रदेश के बाकी सभी जिले आते हैं। ऐसे में पंचकूला प्राधिकरण के चेयरमैन का पद खाली होने से राज्य के अधिकांश जिलों से जुड़े रियल एस्टेट मामलों की प्रशासनिक व्यवस्था में नए नेतृत्व की जरूरत होगी।
नियमों के अनुसार, 500 वर्ग मीटर से अधिक क्षेत्रफल वाली या आठ से ज्यादा फ्लैट अथवा इकाइयों वाली नई आवासीय और व्यावसायिक परियोजनाओं का हरेरा में पंजीकरण कराना अनिवार्य है। बिना पंजीकरण ऐसी परियोजनाओं का विज्ञापन करना या बिक्री शुरू करना नियमों के विरुद्ध है। इस व्यवस्था के तहत प्राधिकरण बिल्डरों की जवाबदेही तय करने और संपत्ति खरीदारों को कानूनी संरक्षण देने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।