Summer express, फरीदाबाद। हरियाणा के फरीदाबाद में शादी के महज छह महीने बाद एक 22 वर्षीय युवक ने फंदा लगाकर आत्महत्या कर ली। मृतक की पहचान नेहरू कॉलोनी निवासी सतबीर के रूप में हुई है। वह बोलने और सुनने में असमर्थ था और अपने पिता के साथ बाटा फ्लाईओवर के नीचे जूते बेचने का काम करता था। घटना के बाद पुलिस ने शव का पोस्टमॉर्टम करवाकर परिजनों को सौंप दिया है। पुलिस मामले की जांच कर रही है।
मृतक के चचेरे भाई शिवा के मुताबिक, सतबीर और उसके छोटे भाई कमल की शादी करीब छह महीने पहले हुई थी। सतबीर की पत्नी वंदना का परिवार मूल रूप से उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद का रहने वाला है और फिलहाल फरीदाबाद के सेक्टर-22 स्थित मच्छी मार्केट इलाके में रहता है। परिजनों का आरोप है कि वंदना के किसी अन्य युवक के साथ प्रेम संबंध थे। करीब दो महीने पहले सतबीर ने अपनी पत्नी को उस युवक के साथ घूमते हुए देख लिया था। इसके बाद दोनों के बीच विवाद बढ़ गया और वंदना ससुराल छोड़कर मायके चली गई।
परिजनों का कहना है कि सतबीर ने पत्नी को वापस लाने और रिश्ते को संभालने के कई प्रयास किए, लेकिन वह ससुराल लौटने के लिए तैयार नहीं हुई। इस वजह से सतबीर पिछले काफी समय से मानसिक तनाव में था। परिजनों के अनुसार, आत्महत्या से एक दिन पहले शनिवार को भी वह पत्नी को लेने उसके मायके गया था। आरोप है कि वहां वंदना और उसके परिवार के सदस्यों ने उसके साथ मारपीट की और अपमानित कर घर से निकाल दिया। इस घटना के बाद वह काफी परेशान था।
शाम को सतबीर की मां किसी काम से बाजार गई हुई थीं। इस दौरान सतबीर घर की ऊपरी मंजिल पर बने कमरे में अकेला था। शाम करीब पांच बजे जब उसकी मां वापस लौटीं और कमरे में पहुंचीं तो सतबीर फंदे पर लटका मिला। मां की चीख-पुकार सुनकर आसपास के लोग मौके पर पहुंचे। उन्होंने सतबीर को नीचे उतारकर तुरंत नजदीकी अस्पताल पहुंचाया, जहां चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया।
सूचना मिलने पर पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लिया और पोस्टमॉर्टम के लिए अस्पताल भिजवाया। सैनिक कॉलोनी चौकी के प्रभारी सब इंस्पेक्टर नीरज शर्मा ने बताया कि पुलिस ने आवश्यक कार्रवाई पूरी करने के बाद पोस्टमॉर्टम करवाकर शव परिजनों को सौंप दिया है।
पुलिस के अनुसार, फिलहाल मृतक के परिजनों की ओर से पत्नी या ससुराल पक्ष के खिलाफ कोई लिखित शिकायत नहीं दी गई है। शिकायत मिलने पर मामले की जांच की जाएगी। यदि मारपीट या आत्महत्या के लिए उकसाने से जुड़े तथ्य और साक्ष्य सामने आते हैं तो नियमानुसार कानूनी कार्रवाई की जाएगी।