Summer express, गुरुग्राम (अनुज पांचाल)। दिल्ली-एनसीआर, हरियाणा और राजस्थान में अवैध हथियारों की सप्लाई करने वाले गिरोह के खिलाफ गुरुग्राम पुलिस को बड़ी सफलता मिली है। क्राइम यूनिट सेक्टर-40 की टीम ने मध्य प्रदेश से हथियारों की खेप लेकर गुरुग्राम पहुंचे दो तस्करों को गिरफ्तार किया है। आरोपियों की पहचान मध्य प्रदेश के खरगोन निवासी दुर्गेश और नरेंद्र के रूप में हुई है। पुलिस ने उनके कब्जे से आठ देसी पिस्टल और 16 मैगजीन बरामद की हैं।
पुलिस के मुताबिक, दोनों आरोपी बस के जरिए मध्य प्रदेश से हथियारों की खेप लेकर गुरुग्राम पहुंचे थे। वे सोहना-गुरुग्राम रोड पर जीडी गोयनका यूनिवर्सिटी के पास हथियारों की सप्लाई करने की फिराक में थे। इसी दौरान क्राइम यूनिट सेक्टर-40 की टीम ने घेराबंदी कर दोनों को पकड़ लिया। शुरुआती जांच में सामने आया है कि आरोपी पिछले करीब चार वर्षों से अवैध हथियारों की तस्करी में शामिल थे। प्रत्येक हथियार की सफल डिलीवरी के बदले उन्हें सात हजार रुपये कमीशन मिलता था।
एसीपी क्राइम इंदीवर सिंह ने बताया कि इस पूरे नेटवर्क का खुलासा 29 अक्टूबर को हुई कार्रवाई के बाद शुरू हुआ था। उस दिन पुलिस ने सेक्टर-112 के बजघेड़ा इलाके से दीपक और राहुल नाम के दो आरोपियों को गिरफ्तार किया था। उनके कब्जे से पांच अवैध पिस्टल और 11 मैगजीन बरामद हुई थीं। पुलिस ने दोनों आरोपियों को रिमांड पर लेकर पूछताछ की तो मध्य प्रदेश से हथियारों की सप्लाई किए जाने की जानकारी सामने आई। इसके बाद पुलिस ने सप्लाई चेन से जुड़े अन्य आरोपियों की तलाश शुरू की।
पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर पुलिस ने जाल बिछाकर दुर्गेश और नरेंद्र को गिरफ्तार कर लिया। जांच में सामने आया है कि दोनों आरोपी पहले गिरफ्तार किए गए दीपक और राहुल को भी हथियारों की सप्लाई कर चुके थे। इस तरह पुलिस ने हथियारों की तस्करी से जुड़े नेटवर्क की कई अहम कड़ियां जोड़ने में सफलता हासिल की है।
गुरुग्राम पुलिस अब तक इस मामले में चार आरोपियों को गिरफ्तार कर चुकी है। इनके कब्जे से कुल 13 अवैध पिस्टल और 27 मैगजीन बरामद की जा चुकी हैं। पुलिस की जांच में मध्य प्रदेश के खरगोन में अवैध हथियार तैयार किए जाने की बात सामने आई है। अब पुलिस की टीमें वहां हथियार बनाने वाली फैक्ट्रियों और गिरोह के मुख्य सप्लायर का पता लगाने के लिए छापेमारी कर रही हैं। पुलिस का कहना है कि पूरे नेटवर्क का पर्दाफाश कर अवैध हथियारों की सप्लाई पर रोक लगाने के प्रयास किए जा रहे हैं।