बोले- 68 जिले बना दे सुक्खू तब भी सत्ता में नहीं होगी वापसी
Summer express/मंडी, धर्मवीर-: हिमाचल प्रदेश में कांग्रेस सरकार के खिलाफ भाजपा ने मंडी में लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ महापदयात्रा के जरिए शक्ति प्रदर्शन किया। पड्डल मैदान से शुरू हुई यह पदयात्रा सेरी मंच पर पहुंचकर रैली में तब्दील हो गई। इस दौरान भाजपा नेताओं और कार्यकर्ताओं ने प्रदेश सरकार के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। रैली को संबोधित करते हुए पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू और कांग्रेस पार्टी पर तीखे राजनीतिक हमले किए। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस सरकार की राजनीतिक स्थिति इतनी खराब हो चुकी है कि अगले 30 वर्षों तक भी पार्टी सत्ता में वापसी नहीं कर पाएगी।
जयराम ठाकुर ने कुल्लू के विधायक सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री पद दिए जाने के मुद्दे पर भी मुख्यमंत्री को घेरा। उन्होंने कहा कि मुख्यमंत्री सुक्खू लगातार सुंदर सिंह ठाकुर को मंत्री बनाने के नाम पर आश्वासन देते रहे हैं। कुल्लू दशहरा के दौरान मुख्यमंत्री की ओर से सुंदर ठाकुर की कुंडली ठीक नहीं होने की बात कहे जाने पर भी उन्होंने तंज कसा। जयराम ने कहा कि मुख्यमंत्री को सुंदर ठाकुर की कुंडली की चिंता छोड़कर अपनी सरकार और कांग्रेस पार्टी की स्थिति पर ध्यान देना चाहिए। उन्होंने आरोप लगाया कि प्रदेश कांग्रेस में वरिष्ठ नेताओं को लगातार दरकिनार किया जा रहा है और मुख्यमंत्री खुद को ही पार्टी का सर्वेसर्वा मानकर चल रहे हैं।
68 जिले बना लें, फिर भी सत्ता में नहीं लौटेगी कांग्रेस
नेता प्रतिपक्ष ने प्रदेश में नए जिलों के गठन को लेकर मुख्यमंत्री की ओर से दिए जा रहे संकेतों पर भी सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार अपनी पुरानी चुनावी गारंटियों को पूरा करने में नाकाम रही है। अब जनता का ध्यान असल मुद्दों से भटकाने के लिए नए जिलों के गठन की चर्चा शुरू कर दी गई है। जयराम ठाकुर ने तंज कसते हुए कहा कि मुख्यमंत्री चाहें तो हिमाचल प्रदेश में 68 जिले बना दें, लेकिन इससे कांग्रेस की सत्ता में वापसी नहीं होने वाली। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस ने चुनाव के दौरान जनता से बड़े-बड़े वादे किए थे, लेकिन सत्ता में आने के बाद उन वादों को पूरा करने की दिशा में कोई ठोस काम नहीं किया।
राहुल गांधी पर भी बरसे जयराम, प्रधानमंत्री पद को लेकर साधा निशाना
रैली के दौरान जयराम ठाकुर ने कांग्रेस नेता राहुल गांधी को भी निशाने पर लिया। उन्होंने राहुल गांधी की राजनीतिक बयानबाजी पर टिप्पणी करते हुए उन्हें पागल तक कह दिया। जयराम ने कहा कि राहुल गांधी प्रधानमंत्री के खिलाफ जिस तरह की भाषा का इस्तेमाल करते हैं, वह उनकी मानसिकता को दर्शाता है। उन्होंने आरोप लगाया कि राहुल गांधी यह स्वीकार नहीं कर पा रहे हैं कि प्रधानमंत्री का पद गांधी परिवार से बाहर का कोई व्यक्ति भी संभाल सकता है। जयराम ने कहा कि प्रधानमंत्री बनने के लिए लोकतांत्रिक प्रक्रिया से गुजरना पड़ता है और जनता का समर्थन हासिल करना जरूरी होता है। केवल किसी परिवार से संबंध होने के आधार पर देश का नेतृत्व नहीं मिल सकता। उन्होंने दावा किया कि जनता का आशीर्वाद राहुल गांधी को कभी नहीं मिलेगा।
विधायक के निधन के बावजूद कार्यक्रम करने पर मुख्यमंत्री को घेरा
जयराम ठाकुर ने रामपुर के विधायक नंद लाल के निधन के बाद मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के चंबा दौरे को लेकर भी नाराजगी जताई। उन्होंने कहा कि विधायक के निधन जैसी दुखद घटना के बावजूद मुख्यमंत्री ने अपने पूर्व निर्धारित कार्यक्रम रद्द नहीं किए। नेता प्रतिपक्ष के अनुसार, यदि मुख्यमंत्री के लिए चंबा का दौरा करना इतना आवश्यक था तो उसे सादगी के साथ पूरा किया जा सकता था। लेकिन वहां कार्यक्रम के दौरान उत्सव जैसा माहौल देखने को मिला और नाटी भी डाली गई। उन्होंने कहा कि एक तरफ कांग्रेस के विधायक का पार्थिव शरीर उनके घर के आंगन में रखा था और दूसरी तरफ मुख्यमंत्री जश्न मनाने में व्यस्त थे। जयराम ने इसे संवेदनहीनता करार देते हुए मुख्यमंत्री की कार्यशैली पर सवाल उठाए।
पड्डल से सेरी मंच तक भाजपा का शक्ति प्रदर्शन
लोकतंत्र बचाओ-अराजकता हटाओ महापदयात्रा में भाजपा कार्यकर्ताओं का उत्साह देखने लायक रहा। पड्डल मैदान से सेरी मंच तक निकाली गई पदयात्रा में कार्यकर्ताओं ने हाथों में तिरंगा और भाजपा के झंडे लेकर प्रदेश सरकार के खिलाफ नारेबाजी की। इस दौरान कांग्रेस सरकार की नीतियों और कार्यप्रणाली को लेकर विरोध दर्ज करवाया गया। रैली में मंडी संसदीय क्षेत्र के सभी 13 विधानसभा क्षेत्रों से भाजपा पदाधिकारी, नेता और हजारों कार्यकर्ता शामिल हुए। भाजपा नेताओं ने प्रदेश की जनता से लोकतंत्र की रक्षा करने और कांग्रेस सरकार के खिलाफ एकजुट होने का आह्वान किया। कुल मिलाकर मंडी में आयोजित इस महापदयात्रा के जरिए भाजपा ने प्रदेश सरकार के खिलाफ अपने राजनीतिक तेवर दिखाए और आने वाले समय में आंदोलन को और तेज करने के संकेत दिए।