छह खेलों में ब्लॉक से राज्य स्तर तक होंगी प्रतियोगिताएं, विजेताओं को मिलेगी लाखों की इनामी राशि
खिलाड़ियों के होंगे डोप टेस्ट, 20 नवंबर को मुख्यमंत्री सुक्खू कर सकते हैं शुभारंभ
Summer express/राहुल चावला, धर्मशाला-: हिमाचल प्रदेश के ग्रामीण और शहरी क्षेत्रों में छिपी खेल प्रतिभाओं को पहचान दिलाने और युवाओं को खेलों के प्रति प्रोत्साहित करने के लिए प्रदेश सरकार एक महत्वाकांक्षी पहल शुरू करने जा रही है। केंद्र सरकार की ‘खेलो इंडिया’ योजना की तर्ज पर हिमाचल में ‘खेलो हिमाचल’ प्रतियोगिता आयोजित की जाएगी। इस आयोजन के माध्यम से प्रदेश के खिलाड़ियों को अपनी प्रतिभा दिखाने के लिए ब्लॉक से लेकर राज्य स्तर तक मंच उपलब्ध करवाया जाएगा। प्रतियोगिता के आयोजन पर सरकार करीब 22.5 करोड़ रुपये खर्च करने की तैयारी में है। इसका शुभारंभ 20 नवंबर को धर्मशाला में प्रस्तावित है। मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू प्रतियोगिता का विधिवत आगाज करेंगे।
युवा सेवाएं एवं खेल मंत्री यादविंदर गोमा ने बताया कि मुख्यमंत्री के निर्देशों के बाद खेल विभाग ने प्रतियोगिता की तैयारियां तेज कर दी हैं। पहले इस आयोजन में तीन खेलों को शामिल करने की योजना थी, लेकिन मुख्यमंत्री के निर्देश पर अब खेलों की संख्या बढ़ाकर छह की जाएगी। हालांकि, इन खेलों के नाम अभी अंतिम रूप से तय नहीं किए गए हैं। जल्द ही इसकी आधिकारिक घोषणा की जाएगी। सरकार का उद्देश्य प्रदेश के अधिक से अधिक युवाओं को खेल गतिविधियों से जोड़ना और स्थानीय स्तर पर मौजूद प्रतिभाओं को आगे बढ़ने का अवसर देना है।
पांच स्तरों पर होंगी प्रतियोगिताएं, ऑनलाइन पंजीकरण शुरू
खेलो हिमाचल के तहत प्रतियोगिताओं का आयोजन पांच स्तरों पर किया जाएगा। इनमें ब्लॉक, सब-डिवीजन, जोनल, जिला और राज्य स्तर शामिल होंगे। इस व्यवस्था से ग्रामीण क्षेत्रों के खिलाड़ियों को भी अपनी प्रतिभा साबित करने का अवसर मिलेगा। प्रतियोगिता में भाग लेने के लिए खेल विभाग की वेबसाइट पर ऑनलाइन टीम पंजीकरण की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। फिलहाल टीम पंजीकरण के लिए 18 से 35 वर्ष आयु वर्ग निर्धारित किया गया है। अलग-अलग स्तरों पर बेहतर प्रदर्शन करने वाले खिलाड़ियों को अगले चरण में पहुंचने का मौका मिलेगा।
विजेताओं को मिलेगी आकर्षक पुरस्कार राशि
प्रतियोगिता को लेकर खिलाड़ियों में उत्साह बढ़ाने के लिए सरकार ने विजेताओं को आकर्षक इनामी राशि देने का फैसला किया है। विभिन्न स्तरों पर जीत हासिल करने वाले खिलाड़ियों के लिए अलग-अलग पुरस्कार राशि निर्धारित की जाएगी। आयोजन को यादगार बनाने के लिए उद्घाटन समारोह भी भव्य तरीके से आयोजित करने की योजना है। इसमें ड्रोन शो, लेजर शो और सांस्कृतिक कार्यक्रम मुख्य आकर्षण होंगे। इसके अलावा जिला स्तर पर चयनित सांस्कृतिक दल अपनी प्रस्तुतियां देंगे। समारोह में एक स्टार कलाकार को बुलाने की भी तैयारी है।इस आयोजन के लिए तीन से चार इवेंट मैनेजमेंट कंपनियों ने अपनी प्रस्तुतियां दी हैं। इनमें से बेहतर प्रस्तुति और आयोजन क्षमता के आधार पर किसी एक कंपनी को जिम्मेदारी सौंपी जाएगी।
16 करोड़ से बढ़कर 22.5 करोड़ हुआ बजट
खेल मंत्री यादविंदर गोमा के अनुसार, शुरुआत में खेलो हिमाचल के आयोजन के लिए करीब 16 करोड़ रुपये का बजट प्रस्तावित किया गया था। हालांकि, प्रतियोगिता का दायरा बढ़ाने, खिलाड़ियों के लिए पुरस्कार राशि में वृद्धि करने और उद्घाटन समारोह को भव्य बनाने के चलते अब अनुमानित खर्च बढ़कर 22.5 करोड़ रुपये हो गया है। सरकार का प्रयास है कि इस प्रतियोगिता को व्यवस्थित और बड़े स्तर पर आयोजित किया जाए। इसे चार से छह महीने के भीतर पूरा करने का लक्ष्य रखा गया है। मौजूदा योजना के अनुसार प्रतियोगिता का समापन फरवरी के अंत या मार्च में किया जा सकता है।
शीतकालीन सत्र और पुलिस भर्ती के चलते तारीख पर मंथन
20 नवंबर को धर्मशाला में प्रस्तावित उद्घाटन समारोह को लेकर एक चुनौती भी सामने आई है। इसी दौरान विधानसभा का शीतकालीन सत्र और पुलिस भर्ती प्रक्रिया भी प्रस्तावित है। ऐसे में धर्मशाला में खिलाड़ियों, अभ्यर्थियों और अन्य लोगों की आवाजाही के साथ वीआईपी मूवमेंट बढ़ने की संभावना है। खेल मंत्री ने कहा कि इस स्थिति को देखते हुए अधिकारियों के साथ चर्चा की जाएगी, ताकि भर्ती प्रक्रिया में शामिल युवाओं और खेल प्रतियोगिता के प्रतिभागियों को किसी तरह की परेशानी न हो। उद्घाटन की तारीख को लेकर अंतिम निर्णय मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ही लेंगे। फिलहाल उद्घाटन समारोह एचपीसीए स्टेडियम धर्मशाला में आयोजित करने की योजना है।
डोप टेस्ट से होगी खिलाड़ियों की निगरानी
खेलो हिमाचल प्रतियोगिता में खिलाड़ियों की निष्पक्ष भागीदारी सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने डोपिंग पर भी सख्ती बरतने का निर्णय लिया है। खेल मंत्री ने स्पष्ट किया कि प्रतियोगिता के दौरान खिलाड़ियों की निगरानी के लिए संबंधित जिला खेल अधिकारियों की ड्यूटी लगाई जाएगी। खिलाड़ियों के डोप टेस्ट भी करवाए जाएंगे। यदि किसी खिलाड़ी के प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन करने की पुष्टि होती है तो उसके खिलाफ नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी। उन्होंने कहा कि खेल प्रतियोगिता का मकसद युवाओं की प्रतिभा को निखारना और उन्हें स्वस्थ खेल संस्कृति से जोड़ना है। ऐसे में किसी भी तरह की अनुचित गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
क्रिकेट फाइनल का वेन्यू बाद में होगा तय
प्रतियोगिता में क्रिकेट सहित अन्य खेलों के आयोजन स्थलों और मुकाबलों की तारीखों का फैसला उद्घाटन समारोह के बाद किया जाएगा। 20 नवंबर को मशाल प्रज्वलन की तर्ज पर भव्य शुभारंभ करने की तैयारी है। इसके बाद खेल विभाग सभी प्रतियोगिताओं का विस्तृत कार्यक्रम जारी करेगा। अलग-अलग जिलों और स्थानों पर मुकाबले करवाने की योजना है। क्रिकेट का फाइनल कहां आयोजित होगा, इस पर भी बाद में निर्णय लिया जाएगा।सरकार को उम्मीद है कि ‘खेलो हिमाचल’ प्रदेश में खेल संस्कृति को नई पहचान देने के साथ ग्रामीण क्षेत्रों की प्रतिभाओं को राज्य स्तर तक पहुंचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।