Summer express, रेवाड़ी | दिवाली से पहले ही रेवाड़ी में वायु प्रदूषण का स्तर तेजी से बढ़ने लगा है। बुधवार सुबह जिले का एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 310 दर्ज किया गया, जो बेहद खराब श्रेणी में आता है। सुबह से ही शहर और आसपास के ग्रामीण इलाकों में स्मॉग की मोटी परत छाई रही। प्रदूषित हवा के कारण लोगों को आंखों में जलन, गले में खराश और सांस लेने में परेशानी जैसी समस्याओं का सामना करना पड़ा। त्योहार से पहले बिगड़ती हवा की गुणवत्ता ने स्थानीय लोगों की चिंता बढ़ा दी है।
दिवाली पर आतिशबाजी के कारण प्रदूषण का स्तर और बढ़ने की आशंका जताई जा रही है। पिछले साल भी दिवाली के अगले दिन जिले का AQI 400 के पार पहुंच गया था। ऐसे में इस बार भी यदि बड़े स्तर पर पटाखे जलाए गए तो स्थिति और गंभीर हो सकती है। पहले से ही खराब हवा के बीच आतिशबाजी से निकलने वाला धुआं लोगों की सेहत के लिए परेशानी बढ़ा सकता है।
शहर में बढ़ते वायु प्रदूषण के पीछे सड़कों से उड़ने वाली धूल भी एक प्रमुख वजह बन रही है। कई इलाकों में सड़क निर्माण कार्य अधूरा पड़ा है, जबकि क्षतिग्रस्त सड़कों से दिनभर धूल उड़ती रहती है। इसके अलावा नगर परिषद की ओर से नियमित रूप से पानी का छिड़काव नहीं किए जाने के कारण धूल के कण हवा में फैल रहे हैं। इससे प्रदूषण का स्तर लगातार बढ़ रहा है।
वहीं, शहर के कई हिस्सों में खुले में कचरा फेंकने और उसे जलाने की घटनाएं भी सामने आ रही हैं। कूड़े में आग लगाने से निकलने वाला जहरीला धुआं वातावरण को और प्रदूषित कर रहा है। खुले में कचरा जलाने पर प्रतिबंध होने के बावजूद इस पर प्रभावी रोक नहीं लग पा रही है। इसके साथ ही हवा की रफ्तार कम होने के कारण प्रदूषक कण वातावरण में लंबे समय तक बने हुए हैं, जिससे शहर और आसपास के क्षेत्रों में स्मॉग की परत दिखाई दे रही है।
चिकित्सकों ने बढ़ते प्रदूषण को देखते हुए लोगों को सावधानी बरतने की सलाह दी है। विशेष रूप से बच्चों, बुजुर्गों और सांस संबंधी बीमारियों से पीड़ित लोगों को अधिक सतर्क रहने की जरूरत है। डॉक्टरों के अनुसार, सुबह के समय बाहर सैर करने से बचना चाहिए और जरूरी काम से घर से निकलते समय अच्छी गुणवत्ता वाला मास्क पहनना चाहिए। आंखों में जलन या सांस लेने में परेशानी होने पर चिकित्सकीय सलाह लेना भी जरूरी है।
प्रदूषण पर नियंत्रण के लिए प्रशासन को सड़कों पर नियमित पानी का छिड़काव कराने, निर्माण स्थलों पर धूल रोकने के इंतजाम करने और खुले में कचरा जलाने वालों के खिलाफ सख्त कार्रवाई करने की जरूरत है। यदि समय रहते प्रभावी कदम नहीं उठाए गए तो दिवाली के दौरान हवा की गुणवत्ता और खराब हो सकती है। ऐसे में लोगों को साफ हवा उपलब्ध कराने के लिए प्रशासन और आमजन दोनों को मिलकर प्रयास करने होंगे।