Shimla, Sanju
मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू ने राजस्व मंत्री जगत सिंह नेगी की गाड़ी पर काले झंडे और जूते फेंकने की घटना को दुर्भाग्यपूर्ण बताते हुए कड़ी कार्रवाई की चेतावनी दी है। उन्होंने कहा कि यह न केवल मंत्री का नहीं, बल्कि तिरंगे का अपमान है और कांग्रेस पार्टी इसे कभी बर्दाश्त नहीं करेगी। इस मामले को लेकर बागवानी मंत्री जगत नेगी से चर्चा के बाद निर्णय लिया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने भाजपा पर निशाना साधते हुए कहा कि पार्टी आपदा पर भी राजनीति कर रही है। उन्होंने बताया कि थुनाग में कॉलेज को अस्थायी रूप से 30 किमी दूर शिफ्ट किया गया है, जिससे छात्रों को सुविधा मिले। इसमें भाजपा को आपत्ति क्यों है, यह समझ से परे है।
नशे पर राज्यपाल की टिप्पणी को मुख्यमंत्री ने बताया ‘असंवैधानिक’
मुख्यमंत्री ने राज्यपाल शिव प्रताप शुक्ला द्वारा नशे को लेकर सरकार पर की गई टिप्पणी को अस्वीकार्य बताया और कहा कि सरकार ने NDPS एक्ट में संशोधन कर 43 करोड़ की संपत्ति जब्त की है। पंचायत स्तर पर भी अभियान चलाए जा रहे हैं और नशा निवारण केंद्रों की स्थापना की जा रही है। उन्होंने कहा कि जल्द ही राज्यपाल से मिलकर इस मुद्दे पर बात करेंगे।
इतिहास में पहली बार लगातार चार दिन की कैबिनेट बैठक, नई दिशा तय करने की तैयारी
मुख्यमंत्री ने जानकारी दी कि राज्य में पहली बार लगातार चार दिन तक कैबिनेट बैठकें हो रही हैं। इन बैठकों में आत्मनिर्भर हिमाचल के लिए रोडमैप तैयार किया जा रहा है। ढाई साल के कार्यकाल में सरकार द्वारा किए गए कार्यों की समीक्षा के साथ आगे की योजना बनाई जा रही है।
मानसून से 1500 करोड़ का नुकसान, सरकार पूरी तरह तैयार: सुक्खू
मुख्यमंत्री सुक्खू ने बताया कि अब तक मानसून से राज्य को 1500 करोड़ रुपये का नुकसान हो चुका है और कई लोगों की जान भी गई है। सरकार राहत कार्यों में जुटी है और पिछले साल अगस्त की तरह किसी भी आपदा से निपटने के लिए तैयार है।
भाजपा से उम्मीद है, केंद्र से राहत पैकेज की मांग करेगी
सुक्खू ने कहा कि 2023 की तरह इस बार भी भाजपा केंद्र सरकार से हिमाचल के लिए राहत पैकेज मांगे, तो प्रदेश को मदद मिल सकती है। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि पिछली बार भाजपा सदन से वॉकआउट कर गई थी, अब दिल्ली जाकर सही काम करे।