अंबाला | हरियाणा के कैबिनेट मंत्री अनिल विज ने कथावाचक अनिरुद्धाचार्य को लेकर बड़ा बयान देते हुए उनके हालिया बयानों पर निशाना साधा है। विज ने कहा कि कथावाचक बनने के लिए कोई भी चार किताबें पढ़ सकता है, लेकिन संत बनने के लिए आत्मिक ज्ञान और ईश्वर से एकात्म होना ज़रूरी है।
उन्होंने लोगों से अपील की कि वे कथावाचकों की बातों पर अंधविश्वास न करें, बल्कि सच्चे संतों की वाणी को महत्व दें। विज का यह बयान अनिरुद्धाचार्य के हालिया विवादित बयानों के बाद आया है, जिन्हें लेकर पहले ही देशभर में बहस चल रही है।
‘भाजपा से नाराज़ नहीं, सबसे बड़ा भक्त हूं’ – अनिल विज
भाजपा द्वारा हरियाणा की 42 विधानसभाओं में संगठनात्मक जिम्मेदारियां बांटने के दौरान अनिल विज को कोई पद नहीं दिए जाने पर उठते सवालों पर उन्होंने कहा कि वे पार्टी से नाराज़ नहीं हैं। विज ने दावा किया कि वह पार्टी के सबसे बड़े और सच्चे कार्यकर्ता हैं। “मैं सात बार का विधायक हूं, मेरे बराबर पार्टी में कोई नहीं,” उन्होंने कहा।
विज ने यह भी जोड़ा कि अब वे पूरे हरियाणा के कार्यकर्ताओं से जुड़कर उन्हें ‘चार्ज’ करेंगे, क्योंकि कार्यकर्ता उन्हें खुद बुला रहे हैं।
तेजस्वी यादव पर भी बोले विज
बिहार में तेजस्वी यादव के दो मतदाता कार्ड मिलने के मामले पर अनिल विज ने तंज कसते हुए कहा, “राहुल गांधी के एटम बम का फ्यूज उड़ गया है। जब नेता के दो कार्ड हैं तो कार्यकर्ताओं के सौ-सौ होंगे। फर्जी मतदाताओं की पैरवी फर्जी नेता ही कर सकते हैं।”
विज के इन तीखे बयानों से एक बार फिर हरियाणा की सियासत गरमा गई है, और साथ ही राष्ट्रीय स्तर पर भी चर्चा छिड़ गई है।