नई दिल्ली | प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत बने आधुनिक और अत्याधुनिक सुविधाओं से लैस कर्तव्य भवन-3 का उद्घाटन किया। इंडिया गेट और राष्ट्रपति भवन के बीच स्थित यह भवन अब केंद्र सरकार के प्रमुख मंत्रालयों का नया केंद्र बनेगा। गृह मंत्रालय, विदेश मंत्रालय, ग्रामीण विकास मंत्रालय जैसे अहम मंत्रालय इसी भवन से संचालित होंगे।
क्या है खास कर्तव्य भवन में?
करीब 1.50 लाख वर्ग मीटर में फैले कर्तव्य भवन-3 में कुल 7 मंजिलें हैं और 600 गाड़ियों की पार्किंग की सुविधा दी गई है। तकनीकी रूप से अत्याधुनिक इस भवन को कर्मचारियों के लिए सुविधाजनक वर्क स्पेस के रूप में डिजाइन किया गया है।
तीन भवनों की श्रृंखला में पहला उद्घाटन
सेंट्रल विस्टा प्रोजेक्ट के तहत तीन कर्तव्य भवन बन रहे हैं। पीएम मोदी ने तीसरे भवन का उद्घाटन किया है। शहरी विकास मंत्री मनोहर लाल खट्टर के मुताबिक, कर्तव्य भवन-1 और 2 का कार्य भी अंतिम चरण में है और जल्द ही पूरा हो जाएगा।
साउथ और नॉर्थ ब्लॉक में बनेगा ‘युगे-युगीन भारत संग्रहालय’
कर्तव्य भवनों के शुरू होते ही ऐतिहासिक साउथ ब्लॉक और नॉर्थ ब्लॉक को मंत्रालयों से मुक्त कर उन्हें संग्रहालय में बदला जाएगा, जहां देश के प्रशासनिक इतिहास को दर्शाया जाएगा।
ये मंत्रालय होंगे शामिल:
- गृह मंत्रालय
- विदेश मंत्रालय
- ग्रामीण विकास मंत्रालय
- एमएसएमई मंत्रालय
- कार्मिक व प्रशिक्षण कार्य मंत्रालय
- पेट्रोलियम एवं प्राकृतिक गैस मंत्रालय
- प्रधान वैज्ञानिक सलाहकार का कार्यालय
कर्तव्य भवन-1 में वित्त मंत्रालय और उसकी शाखाओं को स्थान दिया जाएगा, जिसमें मंत्रालय का प्रिंटिंग प्रेस भी शामिल है।