नई दिल्ली | नई दिल्ली में आयोजित एमएस स्वामीनाथन शताब्दी अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन में प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने किसानों को लेकर एक बड़ा और भावुक बयान दिया। उन्होंने साफ कहा कि उनकी सरकार किसानों के हितों पर कभी भी समझौता नहीं करेगी, चाहे इसके लिए उन्हें व्यक्तिगत रूप से कोई भी कीमत क्यों न चुकानी पड़े।
“किसानों का हित सर्वोपरि”
एमएस स्वामीनाथन को याद करते हुए पीएम मोदी ने कहा, “सरकार की प्राथमिकता किसानों, पशुपालकों और मछुआरों की भलाई है। मैं जानता हूं कि इस रास्ते में मुझे बहुत बड़ी कीमत चुकानी पड़ सकती है, लेकिन मैं इसके लिए तैयार हूं।”
किसानों की आमदनी बढ़ाने की दिशा में कदम
प्रधानमंत्री ने बताया कि उनकी सरकार खेती पर लागत घटाने, आय बढ़ाने और नए विकल्प तैयार करने पर लगातार काम कर रही है। इसके साथ ही उन्होंने उन योजनाओं का ज़िक्र किया जो किसानों के जीवन में बदलाव ला रही हैं:
- पीएम किसान सम्मान निधि: सीधी आर्थिक मदद से छोटे किसानों को राहत
- फसल बीमा योजना: प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम से सुरक्षा
- पीएम धन-धान्य योजना: 100 पिछड़े जिलों के किसानों को नई उम्मीद
- ई-नाम (e-NAM): डिजिटल मंडी प्लेटफॉर्म, जिससे बिक्री आसान
जलवायु संकट पर भी चिंता जताई
प्रधानमंत्री ने जलवायु परिवर्तन को खेती के लिए बढ़ती चुनौती बताया। उन्होंने कहा कि अब ऐसी फसलों की जरूरत है जो गर्मी और जलवायु संकट को झेल सकें। साथ ही सस्ते और सुलभ मृदा परीक्षण उपकरणों के विकास पर भी जोर दिया।