बीजिंग | चीन की राजनीति में जोरदार भूचाल आ गया है। विदेश मंत्री बनने के सबसे मजबूत दावेदार और वरिष्ठ कूटनीतिज्ञ लियू जियानचाओ को विदेश दौरे से लौटते ही अचानक हिरासत में ले लिया गया। यह अप्रत्याशित कदम सत्ता के गलियारों में भारी हलचल मचा रहा है, क्योंकि लियू को मौजूदा विदेश मंत्री वांग यी का संभावित उत्तराधिकारी माना जा रहा था।
61 वर्षीय लियू, जो कम्युनिस्ट पार्टी की विदेशी राजनीतिक इकाई के प्रमुख हैं, पिछले कुछ वर्षों में 20 से ज्यादा देशों का दौरा कर चुके हैं और विश्व के कई शीर्ष नेताओं से मिले हैं। उनके कूटनीतिक अनुभव में अमेरिका के पूर्व विदेश मंत्री एंटनी ब्लिंकन से मुलाकात भी शामिल है।
सूत्रों का कहना है कि उनकी गिरफ्तारी एक गंभीर राजनयिक जांच का हिस्सा हो सकती है, जो 2023 में पूर्व विदेश मंत्री क्विन गैंग के अचानक पद हटाए जाने जैसी घटनाओं को याद दिलाती है। हालांकि सरकार ने अभी तक इस मामले पर कोई आधिकारिक बयान नहीं दिया है।
जिलिन प्रांत के रहने वाले लियू ने बीजिंग फॉरेन स्टडीज यूनिवर्सिटी और ऑक्सफोर्ड विश्वविद्यालय से शिक्षा ली है। वे पहले ब्रिटेन, इंडोनेशिया और फिलीपींस में चीन के राजदूत रह चुके हैं और विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता के रूप में अपने खुले अंदाज और चुटीले बयानों के लिए लोकप्रिय थे।
इस गिरफ्तारी ने न केवल चीन के राजनीतिक माहौल बल्कि वैश्विक कूटनीति में भी कई सवाल खड़े कर दिए हैं, खासकर चीन की विदेश नीति टीम के भविष्य को लेकर।