Shimla, Sanju
लगातार हो रही भारी बारिश और पहाड़ी क्षेत्रों में भूस्खलन की घटनाओं ने इस सीजन पर्यटन उद्योग को गहरा झटका दिया है। सड़क मार्गों के बार-बार बाधित होने और मौसम विभाग की चेतावनियों के कारण प्रदेश में पर्यटकों का आना लगभग बंद हो गया है।
जुलाई–अगस्त का समय आमतौर पर पर्यटन सीजन का पीक माना जाता है, लेकिन इस बार होटल खाली हैं, टैक्सी स्टैंड सुनसान हैं और बाजारों की रौनक गायब है। कारोबारियों के मुताबिक, हालात इतने खराब हैं कि यह सीजन कोरोना काल से भी ज्यादा नुकसानदेह साबित हो रहा है।
प्रदेश के कई प्रमुख पर्यटन मार्ग भूस्खलन के कारण लंबे समय से बंद हैं। कुछ रास्ते बहाल होते ही फिर से मलबा आने से यातायात बाधित हो जाता है, जिससे पर्यटक सुरक्षा कारणों से यात्रा टाल रहे हैं। होटल मालिक, रेस्टोरेंट संचालक और टूर ऑपरेटर अब सरकार से राहत पैकेज की मांग कर रहे हैं, ताकि वे कर्मचारियों का वेतन और अन्य खर्च पूरे कर सकें।
प्रदेश व्यापार मंडल के उपाध्यक्ष इंद्रजीत सिंह ने कहा कि पहले कोरोना ने आर्थिक स्थिति खराब की, अब बारिश और भूस्खलन ने मुश्किलें बढ़ा दीं। बैंक की किश्तें और स्टाफ का वेतन देना कठिन हो गया है।पर्यटन कारोबारियों ने सरकार से समय पर आर्थिक सहायता और ऋण अदायगी में राहत जैसे कदम उठाने की अपील की है, ताकि इस मुश्किल दौर से पार पाया जा सके।