मंडी | चंडीगढ़-मनाली नेशनल हाईवे पर पंडोह डैम के साथ लगते दयोड़ के पास धंसे हाईवे को लगभग 15 दिनों के बाद फिर से दो तरफा यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। करीब 15 दिन पहले यहां जमीन धंसने के कारण हाईवे क्षतिग्रस्त हो गया था। विभाग की तरफ से अस्थाई तौर पर लगातार मिट्टी डालकर इस स्थान पर एक तरफा यातायात ही बहाल रखा गया था। लेकिन बीते दो दिनों में मौसम का साथ मिलते ही लोक निर्माण विभाग थलौट मंडल के अधिकारियों, कर्मचारियों और ठेकेदारों ने दिन रात तेज गति से काम करके यहां और मिट्टी डालकर इसे सड़क को इतना चौड़ा कर दिया कि अब यहां फिर से दो तरफा यातायात बहाल हो गया है। लोक निर्माण विभाग थलौट मंडल के अधिशाषी अभियंता ई. विनोद शर्मा ने बताया कि हाईवे का 120 मीटर का भाग 15 फीट नीचे तक धंस गया था। इसे पुराने स्तर तक बहाल करने के लिए 400 मिट्टी के डम्पर यहां डाले गए जिसकी मात्रा 5 हजार क्यूबिक मीटर बनती है। अभी इसे दो अस्थाई तौर पर दो तरफा यातायात के लिए बहाल कर दिया गया है। मौके पर तैनात लोक निर्माण विभाग थलौट मंडल के कनिष्ठ अभियंता पुष राज ने बताया कि पहाड़ी से हो रहे पानी के रिसाव के कारण यहां हाईवे करीब धंस गया था। विभाग की मशीनरी और कर्मचारी दिन रात मौके पर तैनात रहे और इस कार्य को तेज गति के साथ किया गया। अब यहां मिट्टी डालकर धंसे हुए हाईवे को दोबारा उसी लेबल पर पहुंचा दिया गया है। इस कारण अब यहां दो तरफा यातायात बहाल हो पाया है। लेकिन बरसात के समय में जमीन के धंसने का खतरा लगातार बरकरार है। इसलिए आगे भी मशीनरी और कर्मचारी यहां तैनात रखे जाएंगे।
बता दें कि यहां हाईवे धंसने के बाद उसे जिस तरह से अस्थाई तौर पर बहाल किया गया था उससे भारी वाहनों की क्रॉसिंग में काफी ज्यादा दिक्कतें पेश आ रही थी। विभाग की मशीनरी की मदद से इन वाहनों को धक्का मारकर निकालना पड़ रहा था। अब जिस तरह से मिट्टी डालकर यहां अस्थाई सड़क बनाई है उसमें वाहनों की क्रॉसिंग काफी सुगम हो गई है। यहां यह बताना भी जरूरी है कि यह सिर्फ एक स्थान है जहां पर हाईवे धंसने के बाद उसे दो तरफा यातायात के लिए बहाल किया गया है। जबकि इससे पहले और आगे की तरफ को और भी कई ऐसे स्थान हैं जहां हाईवे बूरी तरह से क्षतिग्रस्त हुआ है और वहां पर अभी एक तरफा यातायात ही बहाल है। इसलिए प्रशासन ने लोगों से अपील की है कि वे बहुत ज्यादा जरूरी होने पर ही इस हाईवे से सफर करें।