बिहार | बिहार को आज एक बड़ी सौगात मिली, जब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गंगा नदी पर बने औंटा-सिमरिया छह लेन पुल का उद्घाटन किया। इस दौरान मंच पर एक ऐसा भावनात्मक क्षण देखने को मिला, जिसने पूरे समारोह को यादगार बना दिया।
उद्घाटन के बाद जब प्रधानमंत्री मोदी ने भीड़ की ओर रुख किया, तो उन्होंने अपने गले में डाला हुआ पारंपरिक लाल-सफेद चेकदार गमछा उतारकर हवा में लहराया। उनके इस अंदाज़ का जवाब वहां मौजूद हज़ारों लोगों ने तालियों और नारों से दिया। गंगा किनारे ‘मोदी-मोदी’ के नारों की गूंज ने पूरे माहौल को रोमांच से भर दिया।
समारोह में मुख्यमंत्री नीतीश कुमार भी मौजूद रहे। दोनों नेताओं ने फीता काटकर पुल का शुभारंभ किया और फिर कुछ कदम पैदल चलते हुए लोगों का अभिवादन स्वीकार किया। इस दौरान महिलाएं पारंपरिक पोशाक में लोकगीत और नृत्य के जरिए अतिथियों का स्वागत करती दिखीं, जिससे पूरा वातावरण उत्सव में बदल गया।
करीब 1.86 किलोमीटर लंबे और 1,870 करोड़ रुपये की लागत से बने इस पुल के शुरू होने से मोकामा और बेगूसराय के बीच संपर्क आसान होगा। भारी वाहनों को अब 100 किलोमीटर से अधिक दूरी कम तय करनी होगी, जिससे यातायात सुगम होगा और उत्तर बिहार की आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिलेगी।
हालांकि पुल का उद्घाटन ऐतिहासिक रहा, लेकिन इस कार्यक्रम की असली पहचान वह क्षण बना जब प्रधानमंत्री मोदी ने गमछा लहराकर जनता से सीधा जुड़ाव दिखाया। यह नजारा लोगों की यादों में लंबे समय तक बसने वाला है।