हिसार | पाकिस्तान के लिए जासूसी के आरोप में जेल में बंद यूट्यूबर ज्योति मल्होत्रा की मुश्किलें कम होने का नाम नहीं ले रही हैं। ज्योति ने कोर्ट में डिफॉल्ट बेल की याचिका दाखिल की थी, जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। अब इस मामले में आज दोबारा सुनवाई होगी और कोर्ट बेल पर अपना फैसला सुना सकती है।
पिछली सुनवाई में ज्योति के वकील ने बेल की मांग की थी, जबकि पुलिस ने दो अहम मामलों का हवाला देते हुए जमानत का कड़ा विरोध किया। पुलिस का कहना है कि जैसे उन मामलों में डिफॉल्ट बेल नहीं मिली, वैसे ही इस मामले में भी बेल नहीं दी जा सकती। इस पर ज्योति के वकील ने तर्क दिया कि यह केस अलग है और पुलिस खुद मान चुकी है कि जांच अभी अधूरी है।
गौरतलब है कि 90 दिन की जांच पूरी होने के बाद पुलिस ने 14 अगस्त को 2500 पन्नों की चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी। इसमें दावा किया गया है कि ज्योति मल्होत्रा पाकिस्तान की खुफिया एजेंसी आईएसआई के अधिकारियों और एजेंटों के लगातार संपर्क में थी। वह भारत की कई संवेदनशील जगहों के वीडियो बनाकर पाक एजेंटों को भेजती रही।
पुलिस जांच में यह भी खुलासा हुआ है कि ज्योति पाकिस्तान में शादी कर बसने की ख्वाहिश रखती थी। चार्जशीट के मुताबिक, उसने कश्मीर डैम और राजस्थान बॉर्डर पर जाकर सैन्य ठिकानों और प्रतिबंधित क्षेत्रों के वीडियो शूट किए और उन्हें पाक एजेंटों तक पहुँचाया।
यही नहीं, पुलिस के मुताबिक ज्योति के मोबाइल से पाक उच्चायोग के अधिकारी एहसान-उर-रहीम दानिश अली समेत आईएसआई के गुर्गों शाकिर, हसन अली और नासिर ढिल्लों से उसकी बातचीत के सबूत मिले हैं। अब सबकी निगाहें हिसार कोर्ट पर टिकी हैं, जो तय करेगी कि ज्योति को जमानत मिलेगी या उसे जेल में ही रहना होगा।