चंडीगढ़ | मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने कहा कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के मार्गदर्शन में जीएसटी काउंसिल की 56वीं बैठक में ऐतिहासिक निर्णय लिया गया है। जीएसटी दरों में बड़ी कमी से रोजमर्रा के सामान सस्ते होंगे और उपभोक्ताओं के साथ-साथ किसानों को भी सीधा लाभ मिलेगा।
सीएम ने बताया कि अब देश में केवल दो मानक जीएसटी दरें रहेंगी – 5% और 18%। वहीं, लग्ज़री और अहितकारी वस्तुओं पर 40% की दर लागू होगी। उन्होंने कहा कि इस कदम से कर प्रणाली सरल होगी, विवाद और मुकदमेबाज़ी कम होगी और करदाताओं को राहत मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि टैक्स का बोझ कम करने के लिए सेस को समाप्त कर दिया गया है। उन्होंने विशेष तौर पर कृषि और किसानों को ध्यान में रखकर किए गए फैसलों के लिए वित्त मंत्री का आभार जताया।
किसानों और उपभोक्ताओं को मिली बड़ी राहत
- कृषि उपकरण: सिंचाई और जुताई मशीनरी पर जीएसटी 12% से घटाकर 5% किया गया।
- ट्रैक्टर व पुर्ज़े: ट्रैक्टर और उनके पुर्ज़ों पर दरें घटाई गईं।
- सौर ऊर्जा उपकरण: जीएसटी में कटौती।
- वस्त्र क्षेत्र: धागे और कपड़े पर जीएसटी 18% से घटाकर 5% किया गया। सिलाई मशीन पर भी यही राहत दी गई।
- खाद्य पदार्थ: रोजमर्रा के खाद्य पदार्थों पर जीएसटी समाप्त।
- चिकित्सा क्षेत्र: जीवन रक्षक दवाओं पर जीएसटी 12% से घटाकर शून्य, मेडिकल उपकरणों पर 5%। स्वास्थ्य और जीवन बीमा पर भी जीएसटी शून्य कर दिया गया।
- निर्माण क्षेत्र: सीमेंट पर दर 28% से घटाकर 18% की गई, जिससे निर्माण लागत में कमी आएगी।
- वाहन: छोटे व मिड-सेगमेंट वाहनों पर जीएसटी 28% से घटाकर 18% किया गया।
सीएम सैनी ने कहा कि यह सुधार प्रधानमंत्री के “एक राष्ट्र, एक कर, एक बाजार” के विज़न को और मज़बूत करेगा।
हरियाणा में जीएसटी संग्रह में रिकॉर्ड बढ़ोतरी
उन्होंने बताया कि अगस्त 2024 की तुलना में अगस्त 2025 में शुद्ध SGST संग्रह में 31% की रिकॉर्ड वृद्धि दर्ज की गई है। चालू वित्त वर्ष 2025-26 के अगस्त तक कुल SGST संग्रह में भी 20% की वृद्धि हुई है।
सकल जीएसटी संग्रह के मामले में हरियाणा देश के शीर्ष पाँच राज्यों में शामिल है। वित्त वर्ष 2024-25 में राज्य में कुल ₹39,743 करोड़ का SGST एकत्र किया गया।