Chandigarh, 8 September
चंडीगढ़ प्रशासन ने भारत सरकार के सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम मंत्रालय (MSME) के रेजिंग एंड एक्सीलरेटिंग एमएसएमई परफॉर्मेंस (RAMP) कार्यक्रम के तहत गुणवत्ता परिषद (QCI) और राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद (NPC) के साथ दो महत्वपूर्ण समझौता ज्ञापनों (MoUs) पर हस्ताक्षर किए।
एमओयू हस्ताक्षर समारोह का आयोजन यूटी सचिवालय, सेक्टर 9-डी, चंडीगढ़ में किया गया। इस अवसर पर चंडीगढ़ प्रशासन के मुख्य सचिव राजीव वर्मा, आईएएस तथा राष्ट्रीय उत्पादकता परिषद की महानिदेशक श्रीमती नीरजा शेखर, आईएएस उपस्थित रहीं।यह पहल स्थानीय उद्योगों को गुणवत्ता व उत्पादकता में वैश्विक मानकों को अपनाने के लिए प्रोत्साहित करेगी और एमएसएमई की प्रतिस्पर्धात्मक क्षमता को मजबूत करेगी।चंडीगढ़ प्रशासन की ओर से उद्योग सचिव निशांत कुमार यादव, आईएएस ने एमओयू पर हस्ताक्षर किए, जबकि एनपीसी की ओर से क्षेत्रीय निदेशक अशोक कुमार और क्यूसीआई की ओर से वरिष्ठ निदेशक एवं प्रमुख, ज़ेड डिवीजन रमणंद शुक्ला ने दस्तख़त किए। भारत सरकार की ओर से रैम्प एनपीएमयू की राज्य कार्यक्रम समन्वयक गरिमा परिहार भी मौजूद रहीं।
इन साझेदारियों के माध्यम से चंडीगढ़ प्रशासन ने रैम्प कार्यक्रम के अंतर्गत निम्नलिखित लक्ष्यों को हासिल करने का संकल्प लिया है:
- 1000 ज़ेड ब्रॉन्ज, 100 ज़ेड सिल्वर और 30 ज़ेड गोल्ड प्रमाणपत्र
- 1000 लीन बेसिक, 150 लीन इंटरमीडिएट और 50 लीन एडवांस्ड प्रमाणपत्र
यह सहयोग चंडीगढ़ में एमएसएमई पारिस्थितिकी तंत्र को और अधिक सुदृढ़ बनाएगा तथा नवाचार, दक्षता और सतत विकास को गति देगा।