चीन | स्पीड स्केटिंग वर्ल्ड चैंपियनशिप में भारत ने इतिहास रच दिया। 22 वर्षीय आनंदकुमार वेलकुमार ने सीनियर मेन्स 1000 मीटर स्प्रिंट रेस में 1:24.924 का समय हासिल कर भारत के लिए पहला गोल्ड मेडल जीता। वह इस स्पोर्ट में भारत के पहले विश्व चैंपियन बने हैं।
ब्रॉन्ज और गोल्ड दोनों पदक भारत के नाम
आनंदकुमार के लिए यह सफलता और भी खास थी क्योंकि एक दिन पहले उन्होंने 500 मीटर स्प्रिंट में ब्रॉन्ज मेडल जीता था। वहीं, जूनियर कैटेगरी में कृष्ण शर्मा ने 1000 मीटर स्प्रिंट में गोल्ड जीतकर भारत को और गौरव दिलाया। इस तरह भारत ने विश्व चैंपियनशिप में दो गोल्ड मेडल जीतकर सबका ध्यान खींचा।
रोलर स्पोर्ट्स में भारत की नई पहचान
इस साल की शुरुआत में, आनंदकुमार ने चेंगदू में हुए वर्ल्ड गेम्स में भी ब्रॉन्ज मेडल जीतकर भारत के लिए इतिहास बनाया था। 2021 में जूनियर विश्व चैंपियनशिप में 15 किलोमीटर एलिमिनेशन रेस में सिल्वर मेडल जीतकर उनकी प्रतिभा दुनिया के सामने आई थी।
भारतीय स्केटिंग के लिए नया युग
आनंदकुमार वेलकुमार की लगातार शानदार प्रदर्शन ने उन देशों की परंपरा को चुनौती दी है, जिनमें अब तक यूरोप, लैटिन अमेरिका और पूर्वी एशिया के खिलाड़ी आगे रहे। उनकी यह सफलता भारतीय रोलर स्पोर्ट्स के लिए क्रांतिकारी साबित हो रही है और भारत को विश्व स्तर पर नई पहचान दिला रही है।
भारत का बढ़ता स्केटिंग प्रभाव
आनंदकुमार की उपलब्धियां केवल व्यक्तिगत नहीं हैं, बल्कि भारत के लिए भी बड़ी जीत हैं। एशियाई खेल, वर्ल्ड गेम्स, जूनियर विश्व चैंपियनशिप और अब सीनियर विश्व चैंपियनशिप में मेडल जीतकर उन्होंने यह साबित किया है कि भारत स्पीड स्केटिंग की दुनिया में अपना दबदबा बना सकता है।