नई दिल्ली | सितंबर के पहले हफ्तों में सोना और चांदी ने अप्रत्याशित तेजी दिखाई है, जो पिछले महीनों में देखने को कम मिली। दिल्ली के सर्राफा बाजार से लेकर वायदा कारोबार तक, सोने की कीमतों में लगभग 11% और चांदी में लगभग 12% की बढ़त दर्ज की गई है। विश्लेषकों का मानना है कि इस रफ्तार से धनतेरस और दिवाली तक इनकी कीमतें और ऊँचे स्तर तक जा सकती हैं।
वर्तमान स्तर और रिकॉर्ड कीमतें:
- सोना (99.5% शुद्धता) दिल्ली में ₹1,15,100 प्रति 10 ग्राम के नए उच्चस्तर पर कारोबार कर रहा है।
- चांदी की कीमत अब ₹1,32,870 प्रति किलोग्राम के रिकॉर्ड स्तर पर पहुँच चुकी है।
कमजोर डॉलर, ब्याज दरों में कटौती की उम्मीद और त्योहारों का बढ़ता जनमानस इन धातुओं की तेजी के प्रमुख कारण हैं।
पहले हाफ का आंकड़ा:
- अगस्त के अंतिम कारोबारी दिन सोना लगभग ₹1,03,670 प्रति 10 ग्राम था, अब 16 सितंबर तक ₹11,430 का इजाफा हुआ है (11.02% की बढ़त)।
- चांदी अगस्त के अंत में ₹1,19,000 प्रति किलोग्राम के आसपास थी, अब ₹1,32,870 (11.65% की बढ़त) हो गई है।
धनतेरस तक संभावित स्तर:
- विश्लेषकों का अनुमान है कि सोने की कीमत ₹1,25,000 प्रति 10 ग्राम तक पहुँच सकती है, यानी अभी लगभग 8.6% की और तेजी की जरूरत है।
- चांदी के लिए लक्ष्य ₹1,50,000 प्रति किलोग्राम है, जिसे प्राप्त करने के लिए 13% की बढ़त की संभावना है।
वायदा बाजार का प्रदर्शन:
- MCX और अन्य वायदा बाजारों में भी सोना और चांदी ने मजबूत प्रदर्शन दिखाया, हालांकि स्पॉट मार्केट जितनी तेजी नहीं रही।
- सोने के वायदा दाम इस महीने लगभग 6% बढ़े, जबकि चांदी में समान रूप से तेजी देखी गई।
तेजी के प्रमुख कारण:
- डॉलर कमजोर होने से कीमती धातुओं की मांग बढ़ी।
- अमेरिकी फेडरल रिजर्व की ब्याज दर कटौती की संभावनाओं ने निवेशकों को सुरक्षित विकल्पों की ओर आकर्षित किया।
- नवरात्रि, धनतेरस और दिवाली जैसे त्योहारों में पारंपरिक मांग बढ़ी।
- वैश्विक सेंट्रल बैंक भी सोने की खरीद में सक्रिय, जिससे सप्लाई कम और मांग अधिक हुई।
जोखिम और चुनौतियाँ:
- रिकॉर्ड स्तर पर मुनाफावसूली की प्रवृत्ति तेजी को अस्थिर कर सकती है।
- वैश्विक आर्थिक या राजनीतिक स्थिति में अचानक बदलाव, ब्याज दरों में वृद्धि या डॉलर की मजबूती से यह तेजी रुक सकती है।