Shimla, Sanju
मानसून की तेज़ बारिश से शिमला और आसपास के क्षेत्रों में भूस्खलन से हालात गंभीर बने हुए हैं। सोमवार को हिमलैंड के पास सर्कुलर रोड पर हुए बड़े लैंडस्लाइड में आधा दर्जन वाहन क्षतिग्रस्त हो गए। स्थिति का जायज़ा लेने पहुंचे लोक निर्माण मंत्री विक्रमादित्य सिंह ने विभागीय अधिकारियों और ठेकेदारों को कड़ी चेतावनी दी।
मंत्री ने कहा कि सड़क निर्माण से निकले मलबे को केवल चयनित स्थानों पर ही डंप किया जाए। यदि मलबा इधर-उधर फेंका गया तो ठेकेदारों का लाइसेंस रद्द किया जाएगा और संबंधित अधिकारियों को चार्जशीट किया जाएगा। उन्होंने कहा कि यही मलबा बारिश के पानी के साथ मिलकर तबाही मचाता है।
सेब बागवानों के लिए विशेष व्यवस्था
सेब बहुल क्षेत्रों में बंद सड़कों को खोलने का कार्य युद्धस्तर पर चल रहा है। मंत्री ने बताया कि हर 20 किलोमीटर की दूरी पर एसडीओ और जेई तैनात किए गए हैं, ताकि बागवानों को सेब मंडियों तक पहुँचाने में कठिनाई न हो।
धर्मपुर हादसे के बाद नया नियम
धर्मपुर बस अड्डा बहने की घटना का जिक्र करते हुए मंत्री ने कहा कि अब नदी-नालों से 100 मीटर की दूरी के भीतर दफ्तर और मकानों का निर्माण नहीं होगा।
केंद्र की मदद नाकाफी
उन्होंने केंद्र सरकार की मदद को सराहा लेकिन इसे आपदा की स्थिति के हिसाब से अपर्याप्त बताया। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपये की सहायता के लिए आभार जताते हुए उन्होंने कहा कि हिमाचल को पुनर्वास और राहत कार्यों के लिए और अधिक सहायता की ज़रूरत है।
चुनौती बनी बंद सड़कें
मंत्री ने बताया कि प्रदेश में अब भी एक हजार से अधिक सड़कें बंद हैं। मशीनरी तैनात कर दी गई है, लेकिन सबसे बड़ी चुनौती उन सड़कों की है जिनके बड़े हिस्से बह गए हैं। भविष्य में ऐसी सड़कों के लिए मजबूत दीवारों का निर्माण किया जाएगा।