लुधियाना | पंजाब रोडवेज/पनबस/पीआरटीसी कॉन्ट्रैक्ट वर्कर्स यूनियन पंजाब की बैठक 25 सितंबर को राज्य संस्थापक कमल कुमार की अध्यक्षता में हुई। बैठक में राज्य चेयरमैन बलविंदर सिंह राठ, अध्यक्ष रेशम सिंह गिल, उपाध्यक्ष गुरप्रीत सिंह पन्नू और अन्य पदाधिकारियों ने सरकार पर गंभीर आरोप लगाते हुए कहा कि वर्षों से कच्चे कर्मचारियों का शोषण किया जा रहा है।
यूनियन नेताओं ने बताया कि करीब 90 कर्मचारी अस्थायी तौर पर काम कर रहे हैं और जनता को मुफ्त यात्रा सुविधा उपलब्ध कराने में अहम भूमिका निभा रहे हैं। इसके बावजूद सरकार उनकी स्थायी भर्ती की मांग पर ध्यान नहीं दे रही।
उन्होंने कहा कि 1 जुलाई 2024 को मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पैनल मीटिंग हुई थी, जिसमें कच्चे कर्मचारियों को नियमित करने, ठेकेदारी प्रथा खत्म करने और परिवहन विभाग के लिए अलग नीति बनाने का आश्वासन दिया गया था। मगर विभाग अब तक आदेशों को लागू नहीं कर सका।
यूनियन पदाधिकारियों ने चेतावनी दी कि यदि जल्द मांगें पूरी नहीं की गईं तो 29 सितंबर 2025 को सभी अस्थायी कर्मचारी पैदल मार्च निकालकर राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन करेंगे।
बैठक में प्रदेश उपाध्यक्ष बलजिंदर सिंह, संयुक्त सचिव जोध सिंह, बलजीत सिंह गिल, जतिंदर सिंह दीदारगढ़ सहित कई पदाधिकारी मौजूद रहे।