Shimla, 23 September
बचत भवन में मंगलवार को आयोजित जिला स्तरीय नार्को समन्वय केंद्र की समीक्षा बैठक की अध्यक्षता उपायुक्त अनुपम कश्यप ने की।बैठक के दौरान उपायुक्त ने कहा कि जिला में नशे के खिलाफ बड़े पैमाने पर कार्यवाही की जा रही है। पुलिस विभाग ने उल्लेखनीय कार्य किया है, जिसके तहत पिछले तीन वर्षों में 900 मामले दर्ज हुए और आठ किलोग्राम हेरोइन जब्त की गई।
उपायुक्त ने पंचायत स्तर पर सूचना तंत्र को और अधिक मज़बूत करने की आवश्यकता जताई ताकि नशे के कारोबार में संलिप्त लोगों की जानकारी समय रहते प्रशासन तक पहुँच सके। उपायुक्त ने आम जनता से अपील की कि नशे से जुड़े मामलों की सूचना पुलिस या प्रशासन को अवश्य दें।ग्राम सभाओं में नशे के खिलाफ विशेष चर्चा करने के निर्देश दिए गए हैं। इसमें सभी विभागों के अधिकारी, कर्मचारी व शिक्षक एक घंटे तक ग्रामीणों को जागरूक करेंगे और शिकायत दर्ज करवाने की प्रक्रिया भी समझाएंगे। साथ ही, कार्यशाला एवं प्रशिक्षण कार्यक्रमों के लिए बजट का प्रस्ताव सरकार को भेजने की बात भी कही गई।बैठक में अवैध भांग की खेती, नशा मुक्ति केंद्रों का निरीक्षण, टेस्टिंग किट की उपलब्धता, तथा जन-जागरूकता अभियानों पर भी चर्चा की गई।
एक्साईज विभाग की रिपोर्ट के अनुसार जनवरी से दिसंबर 2024 के बीच 462 मामले दर्ज किए गए, जिनमें 7479 लीटर अंग्रेजी शराब, 116 लीटर अवैध शराब, 8669 लीटर बीयर और 108319 लीटर देशी शराब जब्त की गई।
नार्को टेरर गंभीर चुनौती – एसएसपी
वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक संजीव कुमार गांधी ने कहा कि नशा और नार्को टेरर आज समाज के लिए बड़ी चुनौती है। इससे युवा न केवल नशे में फंस रहे हैं बल्कि अपराधों में भी लिप्त हो रहे हैं। उन्होंने बताया कि पुलिस ने कई अंतर्राष्ट्रीय व अंतरराज्यीय गिरोहों का भंडाफोड़ किया है। उन्होंने कहा कि टेस्टिंग किट के प्रयोग की रिपोर्ट अगली बैठक में प्रस्तुत की जाएगी।