लद्दाख | लद्दाख को पूर्ण राज्य का दर्जा देने और इसे संविधान की छठी अनुसूची में शामिल करने की मांग को लेकर बुधवार को लेह में भारी विरोध प्रदर्शन हुआ। सामाजिक कार्यकर्ता सोनम वांगचुक के समर्थन में सैकड़ों छात्रों ने सड़कों पर उतरकर प्रदर्शन किया, जो पुलिस के साथ झड़प में बदल गया। प्रदर्शनकारियों ने बीजेपी कार्यालय में आग लगा दी और एक सीआरपीएफ वाहन को भी नुकसान पहुंचाया।
प्रदर्शन की वजह
लद्दाख के लोग लंबे समय से अपनी जमीन, संस्कृति और प्राकृतिक संसाधनों की सुरक्षा के लिए संवैधानिक संरक्षण और पूर्ण राज्य का दर्जा देने की मांग कर रहे हैं। केंद्र सरकार द्वारा इस मुद्दे पर कोई ठोस कदम न उठाने के कारण नाराजगी बढ़ी, जिससे छात्रों ने सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया।
प्रदर्शनकारियों ने लेह स्थित बीजेपी कार्यालय पर हमला किया और उसमें आग लगा दी। पुलिस पर पत्थर फेंके गए, जिसके जवाब में पुलिस ने आंसू गैस के गोले छोड़े और लाठीचार्ज किया। यह लद्दाख में इस प्रकार की हिंसक घटना की पहली दर्ज की गई घटना है।
सोनम वांगचुक की भूख हड़ताल
पिछले दो हफ्तों से सोनम वांगचुक अपनी मांगों के समर्थन में भूख हड़ताल पर हैं। उनका कहना है कि केंद्र सरकार को लद्दाख के लोगों की मांगों पर ध्यान देना चाहिए। यह आंदोलन तब और तेज हुआ जब जम्मू-कश्मीर से अनुच्छेद 370 हटाकर लद्दाख को अलग केंद्र शासित प्रदेश बनाया गया।
सरकार की प्रतिक्रिया
हिंसक घटनाओं के बाद केंद्र सरकार ने मामले की गंभीरता को देखते हुए 6 अक्टूबर को लद्दाख प्रतिनिधियों के साथ बातचीत के लिए बैठक बुलाई है। इस बैठक में उनकी मांगों पर विस्तार से चर्चा की जाएगी।