चंडीगढ़ | हरियाणा सरकार ने राज्य की पंचायती राज संस्थाओं को राज्य वित्त आयोग की दूसरी किस्त के रूप में 405 करोड़ रुपये जारी किए हैं। यह धनराशि प्रदेश की 5719 ग्राम पंचायतों, 144 पंचायत समितियों और 3 जिला परिषदों के खातों में सीधे स्थानांतरित कर दी गई है।
मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी ने बताया कि इस राशि का उपयोग ग्रामीण क्षेत्रों में अधूरे विकास कार्यों को पूरा करने और जनसुविधाओं का विस्तार करने में किया जाएगा।
मुख्यमंत्री ने कहा कि वर्तमान सरकार ने पिछले चार वर्षों में पंचायती राज संस्थाओं को लगभग 3700 करोड़ रुपये प्रदान किए हैं, जिनमें से करीब 3300 करोड़ रुपये गांवों की बुनियादी ढांचा सुविधाओं पर खर्च किए गए हैं। उनका कहना है कि सरकार का लक्ष्य केवल फंड जारी करना नहीं है, बल्कि पंचायतों को 73वें संविधान संशोधन के अनुरूप अधिक अधिकार और संसाधन देना है, ताकि वे स्थानीय जरूरतों के अनुसार विकास को गति दे सकें।
सैनी ने उम्मीद जताई कि पंचायतें पारदर्शी ढंग से इन संसाधनों का उपयोग करेंगी और जनता की भागीदारी से योजनाओं को सफलतापूर्वक लागू करेंगी। इसके साथ ही उन्होंने बताया कि किसानों की सहकारी समितियों को मजबूत करने के लिए नई योजनाएं बनाई जा रही हैं। जल्द ही नए सदस्यों का नामांकन ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों माध्यमों से शुरू किया जाएगा, जिससे किसान समय पर सभी सुविधाओं का लाभ उठा सकेंगे।