पंचकूला | पंजाब के पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा के बेटे अकील मुस्तफा की गुरुवार रात दवा के ओवरडोज के कारण मौत हो गई। घटना के बाद शव को पंचकूला सेक्टर-6 स्थित सरकारी अस्पताल में लाया गया, जहां पोस्टमार्टम के बाद शव को यूपी के सहारनपुर उनके पैतृक गांव हरड़ा ले जाया गया, जहां उनका अंतिम संस्कार होगा।
मृतक और परिवार
35 वर्षीय अकील, जो पंचकूला में परिवार के साथ रहते थे, शादीशुदा थे और उनके दो बच्चे हैं – एक बेटा और एक बेटी। अकील की मां रजिया सुल्ताना, जो कांग्रेस सरकार में पूर्व कैबिनेट मंत्री रह चुकी हैं, और उनके पिता मोहम्मद मुस्तफा 2021 में पंजाब के डीजीपी पद से रिटायर हुए थे।
मोहम्मद मुस्तफा का राजनीतिक और प्रशासनिक सफर
पूर्व डीजीपी मोहम्मद मुस्तफा 1985 बैच के आईपीएस अफसर हैं। वे कैप्टन अमरिंदर सिंह के करीबी माने जाते थे, लेकिन बाद में उनके बीच विवाद बढ़ गया। मुस्तफा ने पंजाब के तत्कालीन मुख्यमंत्री पर आरोप लगाते हुए कहा था कि उन्हें डीजीपी न बनाने की साजिश रची गई। उनके कार्यकाल में उन्हें पांच वीरता पुरस्कार भी मिल चुके हैं।
रिटायरमेंट के बाद मुस्तफा कांग्रेस के नेता नवजोत सिंह सिद्धू के सलाहकार बने। उनके राजनीतिक संबंध और परिवार की सक्रियता के कारण अकील के निधन की खबर ने पंजाब और हरियाणा में सनसनी मचा दी है।
परिवार और अन्य नियुक्तियां
करीब चार साल पहले मोहम्मद मुस्तफा की बहू जैनब अख्तर को पंजाब वक्फ बोर्ड का चेयरपर्सन नियुक्त किया गया था। उस समय मुस्तफा पंजाब कांग्रेस प्रधान नवजोत सिद्धू के सलाहकार थे।
अकील की मौत के बाद परिवार और करीबी परिजन सहारनपुर रवाना हुए और पोस्टमार्टम के बाद उनका अंतिम संस्कार किया जाएगा।