Shimla, 18 October –नेता प्रतिपक्ष एवं पूर्व मुख्यमंत्री जयराम ठाकुर ने कहा कि त्योहारों के इस पावन अवसर पर भी प्रदेश के पेंशनर्स अपने हक के लिए सड़कों पर उतरने को मजबूर हैं, जो प्रदेश सरकार की नाकामी का प्रतीक है। उन्होंने कहा कि जब पूरा देश धनतेरस और दीपावली का उत्सव मना रहा है, तब प्रदेश के वरिष्ठ नागरिक—जिन्होंने जीवनभर प्रदेश की सेवा की—अपने अधिकारों के लिए संघर्ष कर रहे हैं।
जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार उनकी जायज़ मांगों को लगातार अनसुना कर रही है। मुख्यमंत्री अपने मंत्रियों की कार्यप्रणाली पर सवाल खड़े कर रहे हैं लेकिन इससे पेंशनर्स की समस्याओं का समाधान नहीं होगा। उन्होंने कहा कि सरकार अपने आंतरिक कलह को सुलझाने में व्यस्त है जबकि आम जनता और पेंशनर्स अपनी बुनियादी सुविधाओं के लिए जूझ रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष ने कहा कि तीन साल से पेंशनर्स के मेडिकल बिलों का भुगतान तक नहीं हुआ है, जिससे बुजुर्गों को इलाज के लिए भी तरसना पड़ रहा है। “यह सरकार की संवेदनहीनता की पराकाष्ठा है,” उन्होंने कहा। हिमकेयर योजना का भुगतान रोकना प्रदेशवासियों के संवैधानिक अधिकार—जीवन के अधिकार—का उल्लंघन है।उन्होंने कहा कि आपदा में तबाह हुए सरकारी ढांचे और आम लोगों को अब तक राहत नहीं मिली है। बारिश का मौसम बीत गया, सर्दियां शुरू हो गईं, लेकिन सरकार ने अब तक अपने वादों को पूरा नहीं किया है।
जयराम ठाकुर ने धनतेरस के अवसर पर सभी प्रदेशवासियों को हार्दिक शुभकामनाएं दीं। उन्होंने कहा, “भगवान धन्वंतरि और माता लक्ष्मी की कृपा से हिमाचल प्रदेश में सुख, समृद्धि और स्वास्थ्य बना रहे। सभी लोग सुरक्षित, स्वस्थ और खुशहाल रहें।