जयपुर। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह 23 से 25 अक्टूबर तक जैसलमेर स्थित भारत-पाकिस्तान अंतरराष्ट्रीय सीमा का दौरा करेंगे। इस दौरान वे सुरक्षा तैयारियों की समीक्षा करेंगे और सेना के शीर्ष अधिकारियों के साथ रणनीतिक बैठकों में भाग लेंगे। राजनाथ सिंह भारतीय सेना की सैन्य कमांडर्स कॉन्फ्रेंस में शामिल होंगे, जिसमें सीमाई सुरक्षा, आधुनिक युद्ध रणनीति और तकनीकी सुदृढ़ीकरण जैसे मुद्दों पर चर्चा होगी।
सैन्य कमांडर्स कॉन्फ्रेंस की करेंगे अध्यक्षता
रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह इस दो दिवसीय कॉन्फ्रेंस की अध्यक्षता करेंगे और उद्घाटन भाषण देंगे। आधिकारिक सूत्रों के अनुसार, सम्मेलन की मेजबानी के लिए जैसलमेर में व्यापक स्तर पर तैयारियां की गई हैं। इस बैठक में ‘Year of Transformation’ के रूप में घोषित सुधार वर्ष के तहत सेना की प्राथमिकताओं पर विस्तृत प्रस्तुति भी शामिल होगी।
विशेषज्ञों के साथ रणनीतिक चर्चा
सम्मेलन में वरिष्ठ अधिकारी सेना को अधिक चुस्त, आधुनिक और तकनीकी रूप से सक्षम बनाने की दिशा में विशेषज्ञों के साथ विचार-विमर्श करेंगे। इसमें भविष्य की युद्ध चुनौतियों, सीमा सुरक्षा रणनीति और निर्णय लेने की नई पद्धतियों पर फोकस रहेगा।
लोंगेवाला पोस्ट भी जाएंगे रक्षा मंत्री
राजनाथ सिंह अपने दौरे के दौरान लोंगेवाला पोस्ट पर तैनात जवानों से भी मुलाकात करेंगे। यहां वे जवानों का मनोबल बढ़ाने के साथ सीमा की जमीनी हकीकत का जायजा भी लेंगे। यह दौरा सुरक्षा नजरिये से बेहद अहम माना जा रहा है।
कैक्टस पार्क व शौर्य पार्क का करेंगे उद्घाटन
अपनी यात्रा के दौरान रक्षा मंत्री जैसलमेर स्थित आर्मी वॉर रूम म्यूज़ियम में शौर्य पार्क और कैक्टस पार्क का उद्घाटन भी करेंगे। यहां भारतीय सेना के इतिहास और सैनिकों की वीरगाथाओं को दर्शाने वाला लाइट एंड साउंड शो पर्यटकों के लिए आकर्षण का केंद्र बनेगा। ऑपरेशन सिंदूर के बाद यह उनका पश्चिमी सीमा का पहला दौरा होगा।