हिसार | हिसार रेलवे स्टेशन से बहादुरगढ़ जाने वाली गोरखधाम एक्सप्रेस के जनरल कोच में चूरू के धानौठी गांव निवासी प्रदीप ने रेलवे वेंडर रामकुमार और सुपरवाइजर मंजेस के खिलाफ मारपीट, फोन छीनने और चलती ट्रेन से उतारने के प्रयास का मामला दर्ज कराया है। इस घटना में सुपरवाइजर मंजेस भी ट्रेन से गिरकर चोटिल हो गया।
प्रदीप ने शिकायत में बताया कि ट्रेन में सवार हुआ। उसकी सीट पर पानी की बोतलों की पेटियां रखी थीं। जब वेंडर पेटियां लेने आया, तो उसने कहा कि सभी पेटियां हटा दी जाएं क्योंकि पानी के रिसने से उसके कपड़े गीले हो रहे हैं। वेंडर ने तर्क दिया कि यह रेलवे की संपत्ति है और वे पेटियां नहीं हटाएंगे।
इसके बाद प्रदीप ने रेलवे हेल्पलाइन नंबर 139 पर शिकायत दर्ज करवाई। भिवानी स्टेशन पर आरपीएफ के एचसी शंकर ने ऑनलाइन शिकायत पर कार्रवाई करते हुए सभी पेटियां ट्रेन से उतार दीं।
लेकिन कुछ समय बाद सुपरवाइजर मंजेस ने आकर प्रदीप से बहस शुरू कर दी। कलानौर रेलवे स्टेशन के पास दोनों के बीच कहासुनी बढ़ गई और आरोप है कि वे प्रदीप को ट्रेन से नीचे उतारने की कोशिश करने लगे और उसका फोन छीनने का प्रयास किया। इस बीच अन्य यात्री बीच-बचाव के लिए आए और मंजेस गिरकर चोटिल हो गया।
रोहतक रेलवे स्टेशन पर पुलिस पहुंची और सुपरवाइजर को काबू कर लिया, लेकिन वेंडर मौके से भाग गया। पुलिस ने 62, 115(2), 304, 351(2), 3(5) व 145 रेलवे अधिनियम के तहत मामला दर्ज कर लिया है।