Dharamshala, Rahul
कृषि एवं पशुपालन मंत्री चंद्र कुमार ने कहा कि कांगड़ा जिले के ढगवार में बन रहा आधुनिक दुग्ध प्रसंस्करण संयंत्र हिमाचल प्रदेश का सबसे उन्नत और स्वचालित मिल्क प्लांट होगा, जो अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप कार्य करेगा। उन्होंने बताया कि इस परियोजना की कुल लागत ₹225 करोड़ है और अब तक लगभग 41 प्रतिशत कार्य पूरा किया जा चुका है।
परियोजना 41% पूर्ण, प्रदेश के दुग्ध उद्योग को देगा नई पहचान
मंत्री ने निर्माणाधीन संयंत्र का निरीक्षण किया और अधिकारियों तथा निर्माण एजेंसी को निर्धारित समय सीमा में गुणवत्तापूर्वक कार्य पूरा करने के निर्देश दिए। उन्होंने संयंत्र की निगरानी समिति में मुख्य अभियंता स्तर के अधिकारी को शामिल करने के निर्देश भी दिए, ताकि गुणवत्ता और प्रगति की प्रभावी समीक्षा सुनिश्चित हो सके।
चंद्र कुमार ने बताया कि इस प्लांट में टोंड, डबल टोंड, स्टैण्डर्ड और फुल क्रीम दूध के साथ-साथ पनीर, दही, लस्सी, मोज़रेला चीज, खोया और फ्लेवर्ड मिल्क जैसे उत्पाद तैयार किए जाएंगे। उन्होंने कहा कि यह संयंत्र प्रदेश के दुग्ध उत्पादकों की आय बढ़ाने, ग्रामीण युवाओं को रोजगार देने और स्थानीय अर्थव्यवस्था को मजबूत करने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।उन्होंने बताया कि राज्य सरकार किसानों और पशुपालकों को आत्मनिर्भर बनाने के लिए कई ऐतिहासिक कदम उठा रही है। सरकार गाय का दूध ₹50 प्रति लीटर और भैंस का दूध ₹61 प्रति लीटर की दर से खरीद रही है। इसके अलावा प्राकृतिक रूप से उगाई गई मक्की ₹40, गेहूं ₹60, कच्ची हल्दी ₹90 तथा जौ ₹60 प्रति किलोग्राम की दर से खरीदी जा रही है।सरकार ने अपनी चुनावी गारंटी को पूरा करते हुए पशुपालकों से गोबर की खाद ₹300 प्रति क्विंटल की दर से खरीदना भी शुरू कर दिया है। बागवानों के हित में भी कई नई योजनाएँ लागू की जा रही हैं ताकि ग्रामीण अर्थव्यवस्था को नई गति मिल सके।