Shimla, Sanju
पूर्व मुख्यमंत्री एवं नेता प्रतिपक्ष जयराम ठाकुर ने राज्य सरकार पर आपदा राहत को लेकर संवेदनहीनता का आरोप लगाया है। उन्होंने कहा कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को आपदा राहत के लिए अब तक लगभग 5500 करोड़ रुपए की राशि जारी की है, लेकिन उसका बहुत ही छोटा हिस्सा प्रभावित लोगों तक पहुंच पाया है।
जयराम ठाकुर ने कहा कि आपदा के कारण हजारों घर नष्ट हो गए हैं, लोग बेघर हैं और सर्दियां दस्तक दे चुकी हैं, लेकिन राज्य सरकार अब तक राहत पैकेज का एक भी पैसा प्रभावित परिवारों तक नहीं पहुंचा पाई है। उन्होंने कहा, “मुख्यमंत्री और उनके मंत्री राहत देने की बजाय मसखरी कर रहे हैं। आपदा राहत में देरी से लोगों के घाव और गहरे हो रहे हैं।नेता प्रतिपक्ष ने दावा किया कि केंद्र सरकार ने हिमाचल प्रदेश को आपदा राहत राशि नियमों के अनुसार प्रदान की है और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा घोषित 1500 करोड़ रुपए के विशेष पैकेज की धनराशि भी जल्द जारी होगी। उन्होंने कहा, “मोदी की गारंटी का मतलब है — वादा पूरा होना। हिमाचल को उसकी पाई–पाई मिलेगी।”
जयराम ठाकुर ने सुक्खू सरकार से सवाल किया कि केंद्र द्वारा भेजी गई राहत राशि का हिसाब जनता के सामने रखा जाए। उन्होंने कहा कि विधानसभा में दिए गए सरकारी आंकड़ों के अनुसार, 2023 से अब तक केंद्र से 5500 करोड़ रुपए से अधिक की राशि आई, लेकिन मात्र 300 करोड़ रुपए से कम राशि आपदा प्रभावितों पर खर्च हुई है।उन्होंने कहा, “राज्य सरकार बार–बार केंद्र पर दोष मढ़ रही है, जबकि अपनी जिम्मेदारी निभाने में विफल रही है। बेघर लोगों के सिर पर छत नहीं है और सरकार प्रचार और बयानबाजी में व्यस्त है।
एचआरटीसी के मामले पर बोलते हुए जयराम ठाकुर ने कहा कि सरकार निगम की अनियमितताओं के लिए हमेशा बस ड्राइवरों और कंडक्टरों को ही “बलि का बकरा” बना रही है। उन्होंने कहा, “कभी वीडियो वायरल होने पर कार्रवाई होती है, तो कभी बस में तकनीकी खराबी के लिए ड्राइवर–कंडक्टर को दोषी ठहराया जाता है। सरकार को अपनी जिम्मेदारी समझनी चाहिए, न कि छोटे कर्मचारियों पर ठीकरा फोड़ना चाहिए।