नई दिल्ली। त्योहारी सीजन के बाद कीमती धातुओं के बाजार में बड़ी गिरावट देखने को मिल रही है। सोना और चांदी दोनों के दामों में भारी गिरावट दर्ज की गई है, जिससे निवेशकों की चिंताएँ बढ़ गई हैं। अंतरराष्ट्रीय बाजारों में डॉलर की मजबूती और ग्लोबल प्रेशर के कारण सोना करीब ₹12,800 प्रति 10 ग्राम और चांदी लगभग ₹36,000 प्रति किलो तक टूट चुकी है। लगातार हो रही इस गिरावट ने निवेशकों को “खरीदें या रुकें?” की दुविधा में डाल दिया है।
रिकॉर्ड हाई के बाद तेजी से धराशायी हुई कीमतें
इंडिया बुलियन एंड ज्वैलर्स एसोसिएशन (IBJA) के अनुसार, 24 कैरेट गोल्ड ने 17 अक्टूबर को ₹1,30,874 प्रति 10 ग्राम का सर्वकालिक उच्च स्तर छुआ था। लेकिन सिर्फ 12 दिनों में सोना फिसलकर ₹1,18,043 पर आ गया। यानी ₹12,831 की गिरावट।
वहीं चांदी की बात करें तो 14 अक्टूबर को यह ₹1,78,100 प्रति किलो के उच्च स्तर पर थी, जो अब घटकर ₹1,41,896 पर आ गई है। यह 12 दिनों में ₹36,204 की बड़ी गिरावट है। बाजार में निवेशक फिलहाल सतर्क रुख अपनाए हुए हैं।
एक दिन में भी तेज उतार-चढ़ाव
मंगलवार को भी कीमती धातुओं में दबाव दिखा।
- सोना दोपहर में ₹1,19,164 प्रति 10 ग्राम था, जो शाम तक सरककर ₹1,18,043 पर बंद हुआ।
- मात्र 5 घंटे में ₹1,121 की गिरावट दर्ज की गई।
- सोमवार की तुलना में सोना ₹3,034 सस्ता रहा।
चांदी भी ₹1,504 फिसलकर ₹1,41,896 प्रति किलो पर बंद हुई।
MCX पर मिला-जुला रुख
मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर गोल्ड वायदा में दबाव रहा।
- दिसंबर 2025 कॉन्ट्रैक्ट में 1.26% की गिरावट रही और कीमत ₹1,19,429 रही।
- ट्रेडिंग के दौरान लो ₹1,17,628 और हाई ₹1,20,106 देखा गया।
चांदी में हल्की रिकवरी दर्ज हुई और यह 0.27% की तेजी के साथ ₹1,43,750 प्रति किलो पर बंद हुई।
विशेषज्ञों की राय – “ये गिरावट खतरा नहीं, करेक्शन है”
बाजार विश्लेषकों का मानना है कि सोना-चांदी की मौजूदा कमजोरी कोई क्रैश नहीं बल्कि हेल्दी करेक्शन है।
डॉलर की मजबूती, अंतरराष्ट्रीय बाजार में मुनाफावसूली और आर्थिक बातचीत के प्रभाव से यह दबाव बना है। एक्सपर्ट्स का अनुमान है कि कीमतें थोड़ी और नीचे जाकर ₹1.15 लाख तक आ सकती हैं, लेकिन लंबी अवधि में सोना और चांदी दोनों में मजबूती लौटेगी।