नई दिल्ली। भारत और अमेरिका के बीच लंबे समय से प्रस्तावित व्यापार समझौता अगले महीने नवंबर 2025 से लागू हो सकता है। इस संभावित समझौते ने भारतीय शेयर बाजार में उत्साह बढ़ा दिया है। माना जा रहा है कि समझौते के लागू होने के बाद अमेरिका में भारतीय निर्यात पर लगने वाला औसत 50% टैरिफ घटकर लगभग 15% रह जाएगा। इससे भारतीय कंपनियों की अमेरिकी बाजार में प्रतिस्पर्धा क्षमता बढ़ेगी और निर्यात को बढ़ावा मिलेगा।
भारत-अमेरिका व्यापार संबंधों को मिलेगा नया आयाम
वर्तमान में दोनों देशों के बीच सालाना व्यापार लगभग 125 अरब डॉलर का है। इसमें भारत का निर्यात अमेरिकी आयात से ज्यादा है, जिसके कारण अमेरिका को व्यापार घाटा झेलना पड़ रहा है। ट्रंप प्रशासन के दौरान इसी ट्रेड डेफिसिट को कम करने के लिए कई देशों पर आयात शुल्क बढ़ाया गया था। अब इस नए समझौते को द्विपक्षीय व्यापार में संतुलन और विश्वास बहाली की दिशा में बड़ा कदम माना जा रहा है।
किन सेक्टर्स को सबसे ज्यादा फायदा?
विशेषज्ञों का मानना है कि इस व्यापार समझौते का सबसे अधिक फायदा भारतीय उद्योगों को होगा, जिनकी अमेरिकी बाजार में बड़ी हिस्सेदारी है। ये 6 सेक्टर सबसे बड़े लाभार्थी माने जा रहे हैं:
| सेक्टर | संभावित लाभ |
| टेक्सटाइल | सबसे बड़ा फायदा, अमेरिकी आयात में भारत की 40% हिस्सेदारी |
| ऑटो कंपोनेंट | अमेरिकी ऑटो इंडस्ट्री में सप्लाई बढ़ेगी, निर्यात में उछाल |
| जेम्स एंड ज्वेलरी | सोना-चांदी और डायमंड ज्वेलरी का निर्यात बढ़ेगा |
| सीफूड/झींगा | 50–60% तक भारत की हिस्सेदारी, तेजी की संभावना |
| ऊर्जा और तेल | अमेरिकी कच्चे तेल के आयात से भारतीय कंपनियों को राहत |
| स्टील और एल्यूमीनियम | टैरिफ में कमी से निर्यात में भारी बढ़ोतरी संभव |
बाजार विशेषज्ञों की राय
शेयर बाजार विश्लेषकों का कहना है कि यह व्यापार समझौता भारतीय अर्थव्यवस्था के लिए गेम चेंजर साबित हो सकता है। निर्यातक कंपनियों के मुनाफे में बढ़ोतरी होगी और शेयर बाजार में इन सेक्टर्स में तेज उछाल देखने को मिल सकता है। निवेशकों को इन क्षेत्रों की मजबूत और निर्यात उन्मुख कंपनियों पर नज़र रखने की सलाह दी जा रही है।